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Hardik Mahajan Hardik

Abstract

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Hardik Mahajan Hardik

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बारिश

बारिश

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बादलों का गर्जना बिजली का कड़कना,

और छमाछम झूमकर बारिश का आना,

पेड़ पौधों की धूल को हटाकर 

प्रकृति का मुस्कुराना,

जंगल में मोर नाचे चिड़ियों 

का चहचहाना,


खुशियों से नाचे सारे बच्चे 

सावन का झूम 

कर आ जाना,

तन मन में खुशियां जगाए, 

इंद्रधनुष का निकल आना,

बादलों का गर्जना बिजली 

का कड़कना,


और छमा छम झुमकर 

बारिश का आना,

छोटी-छोटी बूंदों द्वारा संदेशा 

भिजवा ना,

तुम छोटी-छोटी कागज की 

कश्ती बनाकर पानी में तैराओ 

बच्चों मेरा यह कहना,


झूम कर बारिश का 

आना और चुपके से,

तेरी याद का दिला जाना,

तुम भी बाहर आ जाओ बारिश

 में झूमेंगे नाचेंगे गाएंगे 

मेघ राजा का यह कहना,

मान लो ना मेरी बहना।


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