बाल श्रम निषेध दिवस
बाल श्रम निषेध दिवस
बाल श्रम निषेध दिवस (१२ जून) बाल श्रम निषेध दिवस मनाएँ या न मनाएँ पर यदि कल सँवारना है तो आज बच्चों का बचपन बचाएँ बालमन को हँसने खिलखिलाने दें। इसके लिए जो भी करना है सब मिलकर करें। बच्चों पर अहसान मत कीजिए अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएँ, उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छंदता उपलब्ध कराएंँ बालश्रम का दंश जड़ से उखाड़ फेंकें बहानेबाजी न करें! गरीब निर्धन परिवारों को सुविधा उपलब्ध कराएँ उनकी बेबसी की आड़ में अशिक्षा का शर्मनाक माहौल बनाकर अपनी पीठ मत थपथपाएँ। शासन-प्रशासन बहानों से बाज आए संविधान के अनुरूप सबको शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार उपलब्ध कराएँ स्कूल, अस्पताल बनवाएँ, रोजी-रोजगार का वातावरण बनाएँ, भूख-गरीबी-अशिक्षा दूर करना आपका कर्तव्य है तो ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाएँ, दिवस मनाकर इन सबसे वंचितों का मज़ाक़ न बनाएँ। आज बच्चों और उनका बचपन बचाएँ उनका कल सँवारें ताकि कल राष्ट्र को शिक्षित और सुरक्षित हाथों में निश्चिंत होकर सौंपकर चैन हूं सो सकें। तभी बालश्रम निषेध दिवस की सार्थकता होगी अन्यथा अंगूर खट्टे हैं की कहानी बालश्रमिक यहाँ वहाँ दो वक्त की रोटी और परिवार के लिए चंद रुपयों की खातिर हमें, आपको ही नहीं राष्ट्र को भी सुनने को विवश कर रहे होंगे, और जिम्मेदार लोग ए. सी, कमरों में बैठकर बालश्रम निषेध दिवस की औपचारिकता निभाते रहेंगे। सुधीर श्रीवास्तव
