Dr. Anuradha Jain
Inspirational
जो आज लग रही है बाधा
कल वहीं लगेगी सादा
आज भोग लो
कल होगा सुख ज्यादा
आज जो तुम बैठे रहोगे
दुनिया से जो कटे रहोगे
आज लगे जो दुनिया सूनी
कल पाओगे ख़ुशियाँ दूनी
कब तक
है आज जिंदगी
म।क
सुहानी
एक गूंज
बंद-बंद
आज
आओ बदले
शांति
ऐसा यदि हो जा...
शांति प्रदायिनी मां दुर्गे भवानी दुःख हरनी तू पाप नाशिनी मां। शांति प्रदायिनी मां दुर्गे भवानी दुःख हरनी तू पाप नाशिनी मां।
हिन्दी मेरा अभिमान है, इसी से मेरी पहचान है। हिन्दी मेरा अभिमान है, इसी से मेरी पहचान है।
हे जग जननी ! तेरी कृपा से ही हम सबका अस्तित्व। हे जग जननी ! तेरी कृपा से ही हम सबका अस्तित्व।
मेरी भाषा, मेरे हिंदुस्तान की भाषा, मेरी अपनी, पहचान है ये हिंदी भाषा। मेरी भाषा, मेरे हिंदुस्तान की भाषा, मेरी अपनी, पहचान है ये हिंदी भाषा।
बड़ा निडर होकर के मंजु ने इश्क का इजहार लिखा हैं ! बड़ा निडर होकर के मंजु ने इश्क का इजहार लिखा हैं !
परिश्रम की मेहनत मे सफलता का सुख निहित होता है। परिश्रम की मेहनत मे सफलता का सुख निहित होता है।
जगजननी मां अंबे महिमा तेरी अपरंपार। जगजननी मां अंबे महिमा तेरी अपरंपार।
जो देश का है अन्नदाता बंजर भूमि को जो अपनी मेहनत से है पिघला देता. जो देश का है अन्नदाता बंजर भूमि को जो अपनी मेहनत से है पिघला देता.
माँ शक्ति दो,धन दो,बुद्धि दो,धैर्य दो हर मुश्किल को हल करने की युक्ति दो। माँ शक्ति दो,धन दो,बुद्धि दो,धैर्य दो हर मुश्किल को हल करने की युक्ति दो।
महबूब की बांहों को लिखता हूं आराम, मां का रोना छूट जाता है, महबूब की बांहों को लिखता हूं आराम, मां का रोना छूट जाता है,
मन से बुराई दूर करने के संकल्प की भावना कर मां दुर्गा की मन से तू आराधना कर साधना कर। मन से बुराई दूर करने के संकल्प की भावना कर मां दुर्गा की मन से तू आराधना कर स...
धर्म में है अनेकता, उस पर हिंदी की विशेषता, यही तो है असल में, मेरे हिंद की सभ्यता। धर्म में है अनेकता, उस पर हिंदी की विशेषता, यही तो है असल में, मेरे हिं...
माध्यम हिन्दी हो पर शीर्षक अंग्रेजी के रहते हैं कैसा यह विकास कैसा आत्म निर्भर है यह माध्यम हिन्दी हो पर शीर्षक अंग्रेजी के रहते हैं कैसा यह विकास कैसा आत्म निर्...
झुकना नहीं ,तू रुकना नहीं! खेल समंदर का तू डरना नहीं ! झुकना नहीं ,तू रुकना नहीं! खेल समंदर का तू डरना नहीं !
चले चलो दिखा अदम्य जोश भुजा का शौर्य दिखाते चले चलो। चले चलो दिखा अदम्य जोश भुजा का शौर्य दिखाते चले चलो।
वो शांति समृद्धि की करती बरसात, जिस घर में होता उनका सम्मान। वो शांति समृद्धि की करती बरसात, जिस घर में होता उनका सम्मान।
सब कुछ मिला है मुझको इसी से, इस पर दिल से सदा ही मैं मान करूं, सब कुछ मिला है मुझको इसी से, इस पर दिल से सदा ही मैं मान करूं,
हिन्द से है अपना नाता, हिंदी है अपनी राजभाषा। हिन्द से है अपना नाता, हिंदी है अपनी राजभाषा।
नव पावन नव संचार का अरूणोदय, नवचेतना का हो हृदय भीतर अभ्युदय ! नव पावन नव संचार का अरूणोदय, नवचेतना का हो हृदय भीतर अभ्युदय !
आज हिंदी दिवस के अवसर पर, मेरे दिल की है इतनी सी चाह। आज हिंदी दिवस के अवसर पर, मेरे दिल की है इतनी सी चाह।