STORYMIRROR

अयोध्या मसला

अयोध्या मसला

2 mins
687


चल रहा है मसला न जाने कितने सालों से ,

जकड़ लिया है पूरे देश को मकड़ी के जालों से ,

धर्म के नाम पर चल रहे सितम तुम कम कर दो ,

इस मसले को दफ़ना कर यही पर खत्म कर दो


किसने गिराया मंदिर और किसने मस्जिद तोड़ी थी

जो भी थे वो लोग शायद उनमें बुद्धि थोड़ी थी

घोल रहे थे ज़हर दोनों लोगों के मन में ये

सेक रहे थे अपनी रोटी लोगों के तन पे ये

अरे! अब तो इस खून ख़राबे को बंद कर दो

और इस धर्म की राजनीति को पूरी तरह से ध्वस्त कर दो


तुम्हारे इस विवाद पर राम अल्लाह रात रात भर रोते होंगे

और जब भी कोई मरता होगा तब रात रात भर न सोते होंगे


आज 26 साल बाद यह मसला अब भी जारी है

इस मसले के आगे तो अदालत भी बेचारी है

ये नेता लेते मौज़ बहार लेकिन

राम अल्लाह का नाम लेता भिखारी है


मैं तो यह कहता कि न मंदिर न मस्जिद को बनने दो

दोनों कौम के साथ आओ और थोड़ा सा जतन कर लो

बना दो ऐसी एक छत के ईश्वर और अल्लाह एक हो जाये

और वासुदेव कुटुंभ्कम का स्वप्न भी सच हो जाये ....



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational