अस्थिर : स्थिर ...
अस्थिर : स्थिर ...
ओ दोस्त मेरे ! आप से बस एक इल्तज़ा है
कि आप अपने अस्थिर मन में स्थिरता
लाने की पुरज़ोर कोशिश करें...!
अपने जीवन की एक ध्येयसिद्धि हेतु
सदैव प्रयासरत रहें...
मगर थोड़ा धीरज धरें...!
एक बार पीछे मुड़कर ज़रूर देखें...
शायद कोई निर्णय
जल्दबाज़ी में लिया हो आप ने !
ओ दोस्त मेरे ! आप जो भी करें
ज़रा एहतियात बरतें...
थोड़ी देर ठहर जाएँ...
फिर क्या करना है
उस बात पर अपना ध्यान
अर्पण करें...
ऐसे ही अस्थिर मन में
कई अनसुलझी परेशानियाँ होंगी,
मगर ये आप पर निर्भर करता है
कि आप जीवन को 'आधा खाली गिलास' मानें
या 'आधी भरी हुई गिलास' मानें ।
