अपना घर
अपना घर
अपने घर सा सुकून कहीं नहीं होता
कितना भी ऐश ओ आराम दिखे पर
कुछ भी घर सा नहीं होता
अपना घर तो सच ने स्वर्ग होता।
भीड़ भाड़ बहुत दिखेगी पर
सब साथ साथ रहते से लगेंगे पर
अपना सा कोई भी नही होगा
अपना साथ तो सच मे स्वर्ग ही होता।
बात कितनी भी बड़ी हो जाये पर
किसी ओर को कोई फर्क नही होता
अपने साथ है तो जीवन खुशहाल होता
अपनो का साथ तो सच स्वर्ग सा होता।
जरा सी बात क्या कह दी
कोई बाहर सुनने को नही राजी
अपनो को सुनाओगे साथ फिर भी होता
अपना तो सच मे अपना ही होता।
चलो अच्छा ही होता है जो भी हुआ
उसने अपना समझ ही नही हमको
वो अपना होता हो समझता ही मुझको
अपना सा समझता तो जीवन स्वर्ग होता।
