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Shri om sharma

Classics

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Shri om sharma

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अपना अपना प्यार

अपना अपना प्यार

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तमाम उम्र उसके

लिबास की हिफ़ाज़त

करता रहा मैं।


उसने हर वो

शख्स आजमाया

जो जिस्म को तार तार

करता रहा।


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