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Jyoti deepak Suryawanshi

Abstract

3.5  

Jyoti deepak Suryawanshi

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अंधे मत बनो.

अंधे मत बनो.

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मेरे दोस्तो अपनी जिंदगी है

अपने तरीके के जियो

किसीके मोहताज बनना नहीं है

खुद के अंदाज से जियो।


ये जिंदगी लौट के नहीं आती

अभि से इसका मोल करना सीखो

बिती हुई जिंदगी खरीदी नहीं जाती

जो है जिंदगी खुल के जिना सीखो।


अंधे मत बनो इतने

कि कोई आईना बन सके

शराब हो या प्यार

उसे पीकर या पाकर

खुद अपनी मंजिल ढूंढ सको।


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