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Deepti Shukla

Abstract

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Deepti Shukla

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अहसास

अहसास

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ये इन गुलाबों की सुंदरता सौम्यता

ये आपका मधुर स्नेह

दोनों का इतना मधुर संगम देता है

मेरे दुखते हृदय को असीम धीरज

कुछ कर गुजरने का अदम्य साहस।


ये दिन, ये पल, ये छन

ये ढंग, ये स्नेह, ये सौम्यता देख

दिल खुश है पाके आपका शुभाषीर्वाद

ये खुशी, ये संतुष्टि भरे अहसास।


ये भाव जो विभोर है,

कृतज्ञता भरे अहसास

सिर्फ गुलाबो के मधुर स्पर्श,

रंगों की वजह से नहीं 

आपकी भावनाओं,

प्रेरणाओं की वजह से है।


ये तो मधुर संगम है

श्रद्धा और सौम्यता का

सरलता और सरसता का

भावनाओं और अभिव्यक्तियों का

रंगों और रस्मों का।


आपका ये सामिप्य,

ये सादगी, ये अपनपान

भुलाने से भी न भूलेगा

आपका ये संग।


और ये फूल जो

मुरझा जाएंगे कल

फिर भी रखे हैं मैंने

सम्भाल्कर, सहेज कर

देंगे ये मुझे नयी शक्ति

हर पल, हर दम, हर क्षण।


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