अधुरे स्वप्न ?
अधुरे स्वप्न ?
आज खुद पर
बहुत गुस्सा आ रहा है
बहुत रोने का मन करता है
खुद से ही बहुत
झगड़ने का मन करता है
खुद पे बहुत
गुस्सा आ रहा है
पानी से
भरे हुए आँखों के
सामने
वही-पेन किताब
देखते है
मन मे अजब सी
हलचल होती है
आँखों में सपने ते
सब अधुरे रहें गये
अपना कहने वाला
कोई नहीं है
खुद की आंखों का पानी
खुद ही पोछना पडता है
और एक बार
किताब खोलने
का मन करता है
फिर से
किताबों की दुनिया में
जाने का मन
करता हैं
किताब की दुनिया
मे जाकर
कविता लेख कहानी
लिखने का
फिर से लिखने
का मन करता है
अधुरे सप्ने पुरे
करने का मन करता है
कोई मुझे समझ
जायेगा क्या
कोई तो बोलो ?
