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Ayushi Tiwari

Abstract Inspirational

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Ayushi Tiwari

Abstract Inspirational

आसमान में एक तारा

आसमान में एक तारा

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शांत था उस रात आसमान,

जब हुआ मुझे ठंडी हवा का ज्ञान।

उस शीत समीर ने पत्तो को तो हिला दिया,

लेकिन मेरी अनकही बेचैनी को कुछ भी न किया।


मेरी आंखों में अचानक कुछ चमका,

पर मेरे आकाश में देखने से पहले ही वो गुम गया।

जो भी था वो थोड़ी देर का सुकून दे गया,

लेकिन मेरी रूह को झटपटता छोड़ गया।


बादलों ने उसे ढक लिया था,

मेरी सारी कोशिशों को खोखला कर दिया था।

मेरी ताकत कम सी होने लगी थी,

जब मेरी खोज उसके लिए थम सी गई थी।


कही दूर, किसी और जहां में,

कोई अंजान रोशनी चमकी थी।

ऊपर आसमान में एक तारा था,

जिसने शायद ये पहल की थी।

चांद ने उसे दबाने की कोशिश की,


लेकिन उसकी रोशनी तो अलग ही थी।

जैसे वो मणि ऊपर चमक रहा था,

मानो मेरी आत्मा को जगाने की कोशिश कर रहा था।


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