Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF
Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF

suman singh

Abstract


4.3  

suman singh

Abstract


आशियाने की चाहत

आशियाने की चाहत

1 min 384 1 min 384

आशियाने की तमन्ना तो हर किसी को होती है।

किसी को जन्म से ही मिल जाता है ,

और किसी को बहुत संघर्षों के बाद मिलता है ।।


कोई इमारतें बनाता है , कोई गुफाएँ बनाता है ।

और कोई कहीं पर भी अपना घोंसला बना लेता है ।।


छत तो आश्रमों के ऊपर भी होती है ,लेकिन फिर भी ,

अनाथ बच्चे अपनत्व की लालसा रखते है ।।


नर्सरी में उपजा पौधा भी किसी वासिंदे की बाट

 जोहता है कि , आएगा कोई खुदा का बंदा और मुझे मेरे घर में जगह देगा ।


एक बड़े से गमले में लगाएगा मुझे ,

और मैं एक स्थायित्व घर का अहसास कर इतराऊगाँ ।


Rate this content
Log in

More hindi poem from suman singh

Similar hindi poem from Abstract