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Neeru Puri

Abstract

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Neeru Puri

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आइये आज कुछ लिख डालें

आइये आज कुछ लिख डालें

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आइये आज कुछ लिख डालें

इस लॉकडाउन के समय बहुत सी बातें जो छूट गईं

बहुत से काम जो कर डाले

बहुत कुछ जो पहले सुना न था,देखा न था


वो सब जिनके बिना यह जीवन संभव न लगता था

ऐसा कुछ जिसपर कभी ध्यान ही नहीं गया था

वो पेड़ पौधे,वो जीव जंतु

वो हवा, वो बादल, वो चंदा और वो तारे


वो सब जो मेरे ही कृत्यों के पीछे छुप कर रह जाते थे सारे

कल जब सब बंदिशें खत्म हो जाएंगी,

क्या क्या है जो जीवन में फिर लौट आएगा और

क्या है को जीवन से चला जाएगा


किसका लौट आना है मंज़ूर मुझे

और कौन जो वापस चला जाए, कोई गम नहीं

किसके बने रहने के लिए हम कार्यरत रहेंगे

किसके चले जाने पर हम सदा शुक्रिया कहेंगे


तो आइए लिखें अभी से ही

इस धरती पर सबकी खातिर,

क्या करना और क्या नहीं मुझे है करना।


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