शिक्षक
शिक्षक
आधुनिक युग का है नव निर्माता।
सही माने तो शिक्षक ही कहलाता।
क्षमता खुद की पहचान कराकर।
ज्ञान के काकहरा का बोध कराता।
शिष्ट, क्षमतावान से पहचान।
कर्तव्यनिष्ठा से शिक्षक जान।
सीधा- साधा है भोला -भाला।
दीखता नहीं पर गुणों की खान।
बहुमुखी प्रतिभाओं को लेकर।
करता सब काम समर्पित होकर।
सच मानें यही पहचान है उनकी।
बहुत खुश होता वो शिक्षा देकर।
