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Tejeshwar Pandey

Drama Romance


4.9  

Tejeshwar Pandey

Drama Romance


तेजकुश की प्रेम कहानी !

तेजकुश की प्रेम कहानी !

26 mins 1.8K 26 mins 1.8K

 कहा जाता है कि इंसान प्यार में अंधा और पागल हो जाता है, यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है । लेकिन सोचने वाली बात है, दोनों ही कभी एक दूसरे से मिले नहीं थे , मगर ऑनलाइन मिलन हुवा और ऑफलाइन शादी हुई और पूरी जिंदगी साथ बिताने का वादा कर लिया।


   ऐसा कहा जाता है की जोड़ियां तो रब ही बनाता है या जोड़ियां तो ऊपर से बन के आती है । लेकिन आज वक्त बदल चुका है जहां सोशल मीडिया पर प्यार होता है और सात जन्म निभाने के वादे भी कर लिए जाते हैं। यह सुनकर अगर आपको हैरानी हो रही है तो हम आपको एक ऐसी सच्ची प्यार की कहानी सुनाने जा रहे हैं जो फेसबुक पर दोस्ती से शुरू हुई और दोस्ती से प्यार में तब्दील होगी और फिर दोनो ने शादी कर जनम जनम के लिए एक दूजे के होगये।


   तेज की उम्र उस वक्त कुछ २५ साल की थी और तेज परिवार में में सबसे बड़ा बेटा था , घरवालों को अब लगता था की अब तेज उम्र शादी की हो गई है तो उसे शादी कर लेनी चाहिए। इसलिए तेज ने कुछ लड़कियों को देखना शुरू कर दिया था , लड़किया तो कई देखी बोहोत सी अच्छी भी लगी प्यारी भी लगी और कई खूबसूरत भी देखी , मगर उन लड़कियों में तेज को वो कनेक्शन महसूस नहीं हुआ जो दिल से दिल का कनेक्शन होना चाहिए । ये शादी के लिए लड़किया देखना और मीटिंग वगैरा कई दिन तक चलता रहा पर बात नहीं बनी। तेज को लिखने का शौक था तो एक दिन तेज फेसबुक पर ऐसे ही कुछ पोस्ट लिख रहा था कुछ देख रहा था और कुछ दोस्तों को सर्च कर रहा था, फिर कुछ नोटिफिकेशन वगैरा देखी तो उसमे एक नोटिफिकेशन फ्रेंड रिकवेस्ट की थी वो फ्रेंड रिकवेस्ट एक लड़की की थी नाम था "कुश" जिसे तेज न तो जानता था न पहचानता था पर दिल ने कहा की देखे तो सही कौन है यह मोहतरमा, जिसे हमसे दोस्ती करनी है , तेज ने उस लड़की की प्रोफइल देखी कुछ ख़ास तो नहीं था प्रोफाइल में बस एक सिंपल सा क्यूट प्यारा सा प्रोफाइल पिक था और उसके टाइमलाइन पर कुछ शायरी प्यार वाली डायरी जैसी पोस्ट की गई थी बस इसके अलावा कुछ नहीं था , फिर 'कुश' की फ्रेंड रिकवेस्ट को एक तरफ कर तेज कुछ और देखने लगा , करीबन दो चार दिन बाद तेज फेसबुक को ओपेन किया तो देखा की फिर उसे वही फ्रेंड रिकवेस्ट वाली नोटिफिकेशन दिखाई दी उसमे उसी लड़की की यानी की 'कुश' की रिकवेस्ट पेंडिंग पड़ी थी तेज ने सोचा चलो दोस्ती कर ही लेते है फिर रिकवेस्ट को एक्सेप्ट किया और तेज ने कुश के इनबॉक्स में एक मेसेज भेज दिया ''शुक्रिया हमें दोस्त बनाने के लिए" और बस फेसबुक लॉगआउट कर के तेज अपने काम में व्यस्त होगया !

   इधर तेज के ऊपर बोहोत ही प्रेशर बढ़ रहा था की शादी कर लो शादी कर लो शादी की उम्र बीत रही है तुम घर मे सब से बड़े हो अभी और दो भाई भी है घर मे मम्मी अकेली कब तक सब संभालेंगी उनको साथ देने वाला भी कोई चाहिए एक घर मे एक लक्ष्मी ( बहु ) आजायेगी तो मम्मी जी को भी राहत हो जाएगी और साथ साथ तुम्हे भी अपना जीवन साथी मिल जाएगी वगैरा वगैरा बाते चल रही थी पर इन सब के बिच तेज का दिल तो बस उस एक लड़की को ढूंढ रहा था जो उसके दिल के बिगड़े बिखरे सुर को एक सुरीले राग में तब्दील कर दे और ज़िन्दगी भर के लिए उसके साथ प्यार के गीत गुनगुनाने लगे बस। फिर कुछ महीनो बाद तेज ने अपना फेसबुक लॉगिन किया तो देखा तो इनबॉक्स में कई मैसेजिस थे कुछ दोस्तों के थे तो कुछ मेसेज उस लड़की के थे जिससे अभी अभी तेज से दोस्ती ऑनलाइन फेसबुक के जरिये हुई थी तेज ने सब दोस्तों के मैसेजिस का जवाब दिया और उसके बाद उस लड़की के मैसेजिस देखे तो उसमे लिखा था की कैसे है आप , आप शायरी बोहोत ही अच्छा लिखते है, आप की शायरी मुझे बोहोत पसंद आई क्या आप ये शायरी और थॉट्स ख़ुदही लिखते है या कॉपी पेस्ट करते है " तेज ये मेसेज पढ़ कर मन ही मन मुस्कुरा उठा और उसे जवाब दिया जी हां में खुद ही अपने दिल के जज़्बात अपनी डायरी और इस प्यारे से फेसबुक के टाइमलाइन पर लिखता रहता हूँ , वक़्त के साथ साथ मेरे जीवन में जोभी होता रहता है अच्छे बुरे लम्हे को महसूस करते है हम वही हम अपनी कलम के ज़रिये अपनी डायरी में लिखते रहते है और जो लगता है की फेसबुक पर पोस्ट करनी चाहिए वो पोस्ट करते रहते है हम ,तेज ने इतना लंबा मेसेज उसे लड़की को भेज दिया तो अचानक से कुश ऑनलाइन आई और कुछ देर बाद मेसेज किया की वाह जनाब आप तो बड़ेही लाजवाब और दिलचस्प इंसान लगते है, तेज ने जवाब दिया की क्या ये आप ही का फेसबुक अकाउंट है या कोई फेंक अकाउंट है , क्यों की तेजकोस शंका थी की कही ये किसी लड़की का फेक अकाउंट तो नहीं है न जो ऐसे ही टाइम पास के लिये उल्लू बनाने के लिए बनाया गया हो , फिर कुश ने जवाब दीया की आप को क्या लगता है ? तेज ने कोई जवाब नहीं दिया बस मुस्कुराते हुवे ऑफलाइन होगया । तेज कुछ दिन बाद वापस ऑनलाइन हुवा और देखा तो कुश का मेसेज था की कैसे है आप , तेज ने जवाब दिया की बस ठीक है चल रही है ज़िन्दगी मुस्कुराते हुवे , कुश ने फिर पूछा की कुछ और बताइये कुछ और बोलिये तेज ने कहा की जी कुछ नहीं बस सब ठीक ही है ज़िन्दगी मस्त चल रही है, फिर तेज ने उनसे पूछ की आप ही कुछ बोलिये उन्होंने कहा की कुछ खास नहीं है बस ज़िन्दगी कट रही है या काट रहे है ये हमें मालुम ही नहीं पड़रहा है , तेज ने फिर उनसे पूछा की क्या बात है कोई दिक्कत है क्या आप को या भीतर कोई परेशानी है जो तुम्हे परेशां कररही है अगर कोई उलझन दिल में हो तो आप बेझिझक हमसे कह सकती है कुश ने कहा की कुछ नहीं बस यूही कुछ खाश नहीं कह के बात को टाल दिया और ऑफलाइन होगई , फिर तेज सोचने लगा की कुछ तो बात है जो कुश इतने उदास मन से कह रही थी या परेशां थी , पता नहीं क्यों तेज के भीतर दिल में एक अनजान दोस्त के लिए कई सवाल उभर रहे थे फिर तेज भी ऑफलाइन होगया और अपने काम में व्यक्त होगया। उन दिनों में तेज के पास स्मार्ट फ़ोन नहीं था बस एक सिंपल सा फ़ोन इस्तेमाल करता था तेज ऑफिस जाता था काम के अलावा वक़्त मिलते ही फेसबुक ओपन करता और कुछ पोस्ट करके कुछ सर्च वगैरा करके वापस ऑफलाइन होजाता था बस।

     एक दिन फिर उस कुश का मेसेज आया की "कैसे है आप, तेज ने कहा सब ठीक है मस्त है" बस यही एक न एक मेसेज लगातार कई दिनों तक चलता रहा फिर एक दिन कुश ने तेज से कहा की क्या हम इस मेसेज से भी आगे बढ़ेंगे या यूँ ही हाय ~ हेलो करते रहेंगे , तेज ने मुस्कुराते हुवे कहा की मुझे कोई दिक्कत नहीं है सुनाइये आप ही कुछ अपने बारे में अपनी लाइफ के बारे में, तो कुश कहा की आप ही शुरुवात कीजिये आप ही कुछ सुनाइए अपने बारे में , फिर दोनों ने ही एक दूसरे के बारे में और लाइफ के बारे में अपनी अपनी बाते शेयर की और कुछ दिन तक युही मैसेजिस पर गुफ्तगू होती रही प्यारी प्यारी बाते होती रही दोनों को एक दूसरे की बाते अच्छी लगने लगी थी , दिन को तो तेज ऑफिस में ऑनलाइन हो कर काम के साथ बाते कर लेते थे मगर रात में तेज को बात करने में दिक्कत होती थी क्योकि स्मार्ट फ़ोन नहीं था न तेज के पास इसीलिए तेज को वापस ऑफिस आना पड़ता था कुश से बाते करने के लिए। वैसे तो कभी कभी बात नहीं भी हो पाती थी पर अक्सर बात होही जाती थी क्या करे दोनों के बिच में बातो के ज़रिये एक अजीब सा प्यारासा कनेक्शन होगया था। दोनों के बिच कई दिनों तक ये मैसेजिस का सिलसिला चलता रहा , फिर एक दिन कुश ने तेज को अचानक एक मेसेज किया की क्या आप मुझे देखना चाहते है ? कुश का ऐसे अजीबसा मेसेज देख तेज दंग रह गया और उनसे कहा की क्या तुम ' ऐश्वर्या ' हो जो में तुम्हे देखना चाहूंगा ? उन्होंने जवाब दिया की मै सच बोल रही हूँ क्या आप मेरी तस्वीर देखना चाहेंगे , तेज ने मना करदिये की और कुश से कहा की जी नहीं नहीं देखना चाहता हम बस युही दोस्त बने रहे ऑनलाइन और ऑफलाइन दिल के जरिये जुड़े रहे तस्वीर में क्या रखा है , तेज का ऐसे जवाब को सुन कुश मुस्कुराई और बोली की पहली बार देखा की कोई लड़का ऑनलाइन मना कर रहा हो एक लड़की की तस्वीर देखने से , तेज ने कहा की मेने तुमसे दोस्ती तुम्हारा चेहरा देख के नहीं की है तुम्हारे सच्चे दिल से तुम्हारे वो खुशनुमा बातो से और प्यारे दिल के जज़्बातो से दोस्ती की है वो तेज के ऐसे जवाब को सुन कर कुश तो ऐसी खुश हुई और कहा की आज में बोहोत खुश हुई हु की चलो ऑनलाइन फेसबुक का एक फायदा तो हुवा की मुझे आप जैसे अच्छे दोस्त मिले जिनसे में अपने दिल की बात कह सकती हूँ तेज ने भी उनका शुक्रिया किया और दोनों ही ऑफलाइन हो गये।  

  एक दिन कुश का मेसेज आया की में आप से कुछ पूछना चाहती हूँ तेज ने कहा की जी जरूर कहिये क्या पूछना चाहती है आप , कुश ने कुछ देर बाद मेसेज किया की कुछ नहीं छोड़िये कोई बात नहीं है तेज ने कहा की अजीब बात है अभी अभी तुम कुछ कहना चाहती थी फिर अचानक मना कर रही हो तुम्हें जो पूछना है बेझिझक पूछो कोई दिक्कत नहीं हम अच्छे दोस्त हैं भला एक दोस्त अपने दोस्त की परेशानी उलझने हल नहीं कर सकता तो वो दोस्त किस बात का , फिर कुश ने अपनी दबी छुपी दिल की बात बताना शुरू की की मेरी शादी तय कर दी गई है और मै उस लड़के को पसंद भी करती हूँ पर वो लड़का मुझसे ठीक से बात नहीं करता न हीं वो मुझे अपनापन बताता है में क्या करू ? उसका ये मेसेज देख तेज का दिल कुछ पल के लिए खामोश होगाय और भीतर सन्नाटा सा छागया था पता नहीं क्यों तेज मन ही मन कुश को पसंद करने लगा था वो तेज के भितर वो कनेक्शन जुड़ने लगाथा जो तेज के दिल को चाहिए था पर उसकी ऐसी बात सुन कर तेज खामोश होगया मानो सांसे थम सी गई हो, फिर अपने दिल को संभालते हुवे अपने आप को जगाया और कुछ देर बार देखा तो इनबॉक्स में कुश के कई मेसेज आ चुकें थे , तेज ने धीरे से दबे दिल से जवाब दिया की अगर तुम्हे वो लड़का पसंद है तुम्हारी शादी तय करदी गई है तुम्हे अपने पसंद का जीवनसाथी मिलरहा है तो एक लडकी के लिए इससे अच्छी बात क्या होसकती है कुश ने कहा की पर वो मुझे अपनापन नहीं जताता में जभी उससे बात करना चाहती हूँ तो वो मुझे इग्नोर ही करता रहता है या काम में ऐसे कह कर फ़ोन काट देता है , अब आप ही बताइये मै क्या करू ? तेज ने उसे जवाब दिया की होसकता है की वो सच में अपने काम में व्यस्त हो तुमसे बात करना चाहता हो पर वक़्त नहीं मिल पारहा हो , मैंभी तो अक्सर व्यस्त रहता हु वो बात अलग है की वक़्त मिलते ही तुमसे बात कर लेता हु तुम्हारे मैसेजिस के रिप्लाय देता रहता हु , कुश ने कहा की होसकता है आप की बाते सही हो ऐसे कह कर वो ऑफलाइन होगई। कुछ दिन बाद फिर से कुश का मेसेज आया की में आप से कुछ पूछना चाहती हु तेज ने कहा की जी जरूर पूछिए जो पूछना हो , कुश ने कहा की आप को कैसी लड़की पसंद है या कैसी लड़की से शादी करना चाहेँगे, तेज ने कहा की वो लड़की रूप में सुन्दर होय न हो दिल की खूब सुन्दर होनी चाहिए मेरी जज़्बातो का ख़याल रखने वाली होनी चाहिए परिवार को समझे संभाले ऐसी होनी चाहिए, हालात चाहे जैसे भी हो वक़्त अच्छा हो या बुरा उन परिस्थितियों में मेरा साथ दे ऐसी लड़की मुझे चाहिए और जो लड़की मुझे समझलेगी वो परिवार को समझने के बराबर ही होगा। कुश ने जवाब दिया की आज कल ऐसे लड़की मिलना मुश्किल है तेज ने कहा की भले ही चाहे जितना समय क्यों न लगे मुझे जब वो लड़की मिलेगी या मेरे दिल को समझने वाली नज़र आएगी तभी में शादी करूंगा , कुश ने मुस्कुराते हुवे कहा की वाह अच्छी बात है , फिर तेज ने उनसे पूछा की तुम्हे कैसा लड़का पसंद है कुश ने बताया की मुझे भी आप की तरह आप के जैसे सोच वाले लडके पसंद है जो अपना और अपनो का ख़याल रखते हो जो ज़िंदगी भर परिवार को साथ लेकर चलने वाले हो , हमेशा ख़ुशी से मुस्कुराते हुवे जीने वाले हो आप की तरह खुशमिजाजी हो तेज ने कुश को रोका और कहा की रुको रुको ये बार बार आप की तरह मेरे जैसा या मेरी तरफ इशारा क्यू कर रही हो वो खामोश होगई और अचानक ऑफलाइन होकर चली गई l

''इधर हम भी परेशां उधर तुम भी परेशां , दोनों के हाल-ऐ-दिल एक जैसे ही थे

दिल में प्यार का इज़हार तो था , बस होठो पर वक़्त की ख़ामोशी छाई थी''

कुछ दिन बाद कुश का फिर मेसेज आया की कैसे है आप तेज ने कहा की ठीक है , फिर कुश ने तेज से कहा की में आप से कुछ कहना चाहती हु प्लीज़ मेरी बात का बुरा मत मानना या मुझसे दोस्ती मत तोड़ना तेज ने कहा की कोई बात नहीं तुम बताओ तो सही क्या बात है कुश बोली की पहले वादा करो की मेरी बात सुनकर आप मुझसे दोस्ती नहीं तोड़ेंगे तेज ने कहा पहले बताओ तो सही कुश बोली नहीं आप वडा करो तेज ने काह की दोस्त हु तुम्हारा दोस्ती में अच्छी बुरी बाते होती रहती है मेने दिलसे दोस्ती की है तुमसे कोई मज़ाक नहीं तुम बेझिझक बेबाक होकर मुझे बताओ क्या कहना चाहतीं हो , कुश ने बड़ेहि सहमे से धीरेसे तेज को कहा की "I LOVE YOU" मुझे आप से प्यार होगया है और में आप को दिल से चाहने लगी हु आप से इतना प्यार करने लगी हु की में आप से "I LOVE YOU" के सिवा और कुछ कह सकती , मुझे आप के साथ बाते करना बोहोत अच्छा लगता है और मै ज़िन्दगी भर युही साथ बिताना चाहती हु क्या आप मुझसे शादी करेंगे ? तेज कुश की ये बाते सुन खामोश होगया दिमाग दंग रह गया और भीतर दिल में सन्नाटासा छागया और दिल ने कहा की 

" जो बात दबी थी दिल में वो आज होठो पर आहि गई "

तेज का दिल खुश तो बोहोत था पर कही न कही एक सवाल भी था की उसकी तो शादी तय हो चुकी है तो भला मै केसे उन्हें अपना सकता हूँ भला किसी के दिल को तोड़ अपने दिल को कैसे जोड़ सकता हूँ नहीं नहीं मै ऐसा नहीं कर सकता मेरे दिल में उसके लिए प्यार तो बोहोत था जो प्यार उन्हें मेरे लिए मेरे प्रति था वही प्यार मेरे दिल मेभी था पर मै कुछ ऐसा नहीं करना चाहता था की आगे चलकर हम दोनो के दिल को ठेश पहुंचे हमारे परिवार को तकलीफ हो, तेज ने ये बात कुश से कहीं और बताया की मै सोच कर बताऊंगा कुश ने जवाब दिया की जैसा आप चाहे ।

   इस बात को कुश के प्रपोज़ को दो दिन बीत चुके थे तेज ने न कोई जवाब दिया था न कोई सवाल बस मन ही मन खुश होरहा था और घबरा भी रहा था की ये क्या हो गया प्यार भी हो गया और प्यार में ऐसी उलझन भी आगई की जिसे सुलझाना नामुमकिन सा लगता है पर ठीक है अगर प्यार सच्चा हो तो उस दिल के रिश्तो के किये कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। तेज ने बोहोत सोचने के बाद उन्हें दो दिन बाद जवाब उन्हें दिया की मतलब की मेसेज किया की हां मै भी तुमसे बोहोत प्यार करता हु " I LOVE YOU " जो तुम मेरे लिए अपने दिल में मह्सुश करती हो वही मै भी करता हु कुश तेज का जवाब सुन काट ख़ुशी के मारे रोपड़ी और बोहोत रोइ की और तेज को बताया की मुझे प्यार करने वाला इंसान आखिर मिलहि गया फिर कुश ने तेज का मोबाइल नंबर मांगा तेज ने फटाक से उसे अपना नंबर दे दिया और फिर दोनों फ़ोन पे अपने प्यार का इज़हार किया उस दिन दोनों के लिए बोहोत ख़ुशी की का दिन था मानो कोई खुदा मिलगया हो सच वो दिन वे अपनी आखरी साँस तक नहीं भूलेंगे। पर हां तेज ने कुश को एक जरुरी बात ये भी बताई और शर्त रखी की हम एक दूसरे से बेहद बेइंतहा प्यार करते है मगर तुम्हारी शादी तय होचु की है उसका क्या कुश बोली में कुछ नहीं जानती तेज ने कहा की हम अपने परिवार से बात चित करेंगे अगर परिवार राज़ी होगा हमारे रस्ते से तभी हम शादी करेंगे वरना नहीं कुश ने मुझे रउवाँसी आवाज़ से जवाब दिया ठीक है कोई बात नहीं हमारी शादी हो य न हो उसकी कोई बात नहीं पर मै आप से प्यार उम्र भर करुँगी मेरी सांसे भलेही थम जाए में अपनी आखरी साँस तक आपसे ही प्यार करुँगी

" I LOVE YOU "  " I LOVE YOU " " I LOVE YOU " तेज ने भी उसे " I LOVE YOU " कहा और दोनों ही रुआंसे आवाज में रोते हुवे कुछ देर तक " I LOVE YOU " कहते रहे फिर मुस्कुराते हुवे अपनी बात करने लगे ये प्यार का सिलसिला यूही चलने लगा और कुछ दिन तक चलता रहा।

   तेज ने अपने घर में बात की की में एक लड़की से प्यार करता हूँ और उससे शादी करना चाहता हूँ तो घरमे तेज की ये बात सुनकर सब एक पल के किये स्तब्ध होंगे और फिर ख़ुशी के मारे झूम उठे और कहने लगे की चलो कोई तो पसंद आया आप को वरना शादी के लिए अब तक जीतनी लड़किया देखी थी सब को मना कर चुके थे अच्छी बात है तेज ने घरवालों को कुश की तस्वीर बताई सब बोहोत खुश हुवे खाश कर के तेज की मम्मी और पापा दोनों बोहोत ही खुश थे तस्वीर और तेज की पसंद देख। मम्मी ने तेज से पूछा की कब मिलवा रहा है तो तेज ने कहा की अब तक मै खुद नहीं मिला कुश से तो भला आप लोगो को कैसे मिलवाऊं , मम्मी ने का की क्या क्या बात कर रहे हो बेटा अभी तक तुम खुद नहीं मिले हो तेज ने कहा की हाँ नहीं मिला हूँ फिर प्यार कैसे हुवा फिर तेज ने साड़ी अपनी प्रेम कहानी अपने घरवालों को बताई फिर मम्मी ने पूछा की ये सब तो ठीक है पर लड़की को अच्छी है न तेज ने कहा हां बाबा फिर मम्मी ने कहा की तुमने पसंद की है तो अच्छी ही होगी न तुम्हारी पसंद वो हम सब की पसंद और फिर तेज ने पापा को अपनी सारी बाते बताई की लड़की के घरके सारे हालात बताये पापा खामोश होगये फिर अचानक ज़ोर से बोले की तुम दोनों एकदूसरे से प्यार करते हो न तेज ने कहा हां पापा हम दोनों एकदूसरे से बोहोत प्यार करते है तो पापा ने कहा फिर चिंता क्यू करते हो उसके घरवाले माने तो ठीक है नहीं माने तो कोई बात नहीं उसे भगा कर ले आना। मेरा दिल तो बोहोत खुश होगया की जब परिवार इतना साथ देता है तो भला डर किस बात का सच में तेज उसदिन अपने आप को बोहोत भाग्यशाली मानता था की मुझे इतना प्यारा परिवार जिसके साथ उसका प्यारा परिवार खड़ाहो उसे कोई परेशानी नहीं छू सकती। ये सब बाते तेज ने कुश को बताई तो वो भी दंग रहा गई की इतना सपोर्ट है आपको अपने परिवार का वाह क्या बात है में कितनी भाग्यशाली हु की अगर शादी होती है तो में ऐसे अच्छे भले परिवार में जाउंगी वो मेरे लिए स्वर्ग से काम नहीं होगा। फिर तेज ने कुश से कहा की तुम एक बार अपने पापा से बात तो करो तो कुश बोली के में कैसे बात करू तेज ने कहा अगर तुम बताओगी नहीं तो बात कैसे आगे बढ़ेगी , हिम्मत से सच्चे दिल से बात करके देखो ठीक है ,तो कुश ने अपने पापा से डरते हुवे बड़े ही धीरेसे सहमे आवाज़ में अपने पापा को बताया की पापा में आप से एक बात कहना चाहती हु पापा ने कहा बोलो बेटा क्या कहना चाहती हो , कुश ने कहा की में एक लडके से प्यार कराती हु और उससे शादी करना चाहती हु कुश के मुँह से ऐसी बात सुन कर उसके पापा स्तब्ध हो गए और एक पल के लिए खामोश ही होगये फिर बोले की लड़का कहा का है और तुम कब मिली उससे कुश ने सारी हकीकत अपने पापा से बताई फिर उसके पापा सारी बात सुन बोले की तुम इन सब चक्करो में कब से पड़ गई कभी भी मिलि नहि हो उस लडके से कभी देखा नहीं पता नहीं वो लड़का केसा होगा केसा नहीं , नहीं नहीं तुम ये सब चक्कर छोड़ो मेने तुम्हारी शादी जहा तय की है वही करूँगा और मेने उन्हें अपनी जबान दी है और में अपनी जबान से मुकर नहीं सकता चाहे जो होजाये। कुश अपने पापा की बात सुन ठीक है बोलकर घरमे चली आई और रोने लगी बोहोत रोई और फिर शाम होते ही तेज को मेसेज किया की पापा ने हमारी शादी के लिए मना करदिया है तेज भी ऐसा जवाब सुन खामोश होगया और दिल निराश होगया और दोनों ऑफलाइन होगये ।

  इधर तेज के पापा ने अपनी तरफ से कुश की और उसकी घरवालों की इन्क्वाइरी करवाई की कैसे है वे और उनके घरवाले वगैरा वगैरा तो पापा को सब रिजल्ट सही सही मिला पापा खुश हुवे और पापा ने अपने जिस दोस्त को सब पता करने के लिए कहा था उन्हें कहा की आप हमारी तरफ से उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखिये की एक दरोगाजी है वो अपने बेटे की शादी आप की बेटीसे करना चाहते है , वो चाचा जी तेज के पापा की बात लेकर कुश के पापा के पास गए और बताया की एक शादी का प्रस्ताव लेकर आया हु एक बोहोत ही अच्छा परिवार है लड़का व्यापार करता है और पिताजी उसके पुलिस अफसर है 

परिवार में दो भाई है और माता पिता कूल पांच लोगो का परिवार है पूरा परिवार बोहोत सुखी सम्पन है ये बात सुन कुश के पापा खुश तो हुवे पर उन्होंने ने शादी से साफ मना कर दिया और बोले की नहीं में अपनी बेटी की शादी कही और तय कर चुका हु और जहा तय की है में वही शादी करूंगा । फिर चाचाजी ने तेज के पिताजी को कॉल कर के सारी बात बताई और कहा की लड़की के पिताजीने शादी के लिए मना करदिया है हम और कुछ नहीं कर सकते पापा ने कहा ठीक है कोई बातनहीं शुक्रिया। ये बात घर आने के बाद शाम को पप्पा ने घरवालों को बताई घरमे सब निराश होगये और फिर तेज के पापा ने वही बात दोहराई की चिंता क्यों करते हो भरोषा रखो भगवान पे अगर तुम्हारा प्यार सच्चा है तो सब ठीक होगा विश्वाश रखो अपने दिल पर भगवान पर ठीक है और कोशिश करते रहेंगे हम नहीं मानेगे तो कोई बात नहीं तुम उसे उठा कर भगाकर ले आना हम मंदिर में शादी करलेंगे फिर कोर्ट मैरिज कर के क़ानूनी तोर से एक होजाओगे ठीक है फिर कोई कुछ नहीं कर पायेगा ठीक है।

  एक दिन तेज ने कुश को मेसेज किया उसका जवाब ही नहीं आया उसने कॉल किया तो मोबाईल भी स्विच ऑफ बता रहा था तेज टेंसन में आगया की क्या होगा मेसेज का जवाब भी नहीं आरहा है नंबर भी बंद आरहा है क्या हुवा क्या है तेज लगातार उसे मेसेज करता रहा और दिन भर कॉल ट्राय करता रहा और ये सिलसिला तेज ने लगातार दो ~ तीन महीने तक दिन भर में पंद्रह से बीस बार करता रहता था की शायद आज कोई मेसेज आजाये आज कॉल लगजए मेरा मगर तेज को निराशाही मिलती तेज उसकी फिक्र में गुमनाम सा होगया था झुंझुला सा गया था और सोचता था की मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है ?

 

    एक दिन किसी अनजान नंबर से तेज को कॉल आया तेज के कॉल उठाते ही सामने से आवाज़ आई कैसे है आप तेज के कानो में कुश की आवाज़ पडतेहि दिल खुश नुमासा होगया मानो जय से बंज़र ज़मीन को बारिश की पहली बून्द मिलगई हो तेज ने रुवासी आवाज़ में कुश से कहा की पगली कहा थी तुम तुम्हे पाटा है में कितना परेशां था पागलसा झुंझुलासा गयाथा में तेज ने फिर कहा ठीक नहीं हूँ तुम बिन भला में कैसे ठीक हो सकता हूँ और ऐसा कहकर दोनों रोने लगे कुछ देर बाद कुश बोली की चुप होजाओ अब नहीं तो में और रोउंगी तेज बोला नहीं नहीं अब नहीं फिर कुश ने बताया की घरमे कुछ दिक्कत होगई थी मेरा फ़ोन भी टूट गया था और हम सब परेशां भी थे वगैरा वगैरा तेज ने सोचा की अपने दिल की सारी दास्ता कुश को बताऊ फिर सोच की छोड़ो कुछ नहीं बताना कुश जानती होगी के में कितना परेशां था उसके कॉल और मैसेजिस के बिना हमें फिर बात शुरू की और कुश से पूछा की क्या हुवा था उसने सारी बाते बताई और कहा की जिस लड़के से हम शादी करना कहते थे उन्होंने कही और अपनी शादी तय करली है और हमारे परिवार को धोखा देदिया है तेज ने तुरंत कहा की क्या क्या क्या तुम सच बोल रही हो कुश ने कहा की हां में सच बोल रही हु और पापा बोहोत निराश होगये है घरमे सब मायुश होगये है पापा बता रहे थे की इन लोगो के कारन एक अच्छा भला रिश्ता आया था कुश जानती भी है उस लड़के को उन्हें भी मेने मना करदिया शादी के लिए इनलोगो की खातिर और आज इन्होने हमें धोखा दे दिया है अब हम क्या करे। तेज ने मुस्कुराते हुवे कहा की वाह वाह वक़्त का पहिया कुछ ऐसा पलटा वक़्त कुछ ऐसे बदला की " सब तीतर बितर तो होगया पर भीतर सब ठीक होगया '' तेज ने तुरंत ही कुश को मेसेज छोड़ कॉल किया की कुश ये सुनहरा अवसर है यही सही मौका है और तुम अभी के अभी अपने पापा से बात करो और बताओ की पापा अभी भी वो लडके वाले तैयार है हमारी हां के लिए हमारे परिवार से रिस्ता जोड़ने के लिए ऐसे तुम अपने पापा से कहो कुश बोली की हां में बोलती हूँ ठीक है।

कुश ने पहले अपनी दीदी से ये सब बात बताई तो वो भी बड़ी खुश हुई और उसकी दीदी ने पापा से सारी बात बताई की वो शादीके लिए राज़ी है हमारे मना करने के बाद भी वो तैयार है बस हमारे हां करने की ही देरी है , कुश के पापा ने बताया की ठीक है में कल उसने बात करता हूँ मुझे लड़के के पापा का नंबर दे दो।

उस दिन तेज समझ गया की अब हम दोनों की एक होने से कोई नहीं रोक सकता अब जब वक़्त भी हमारे साथ है भगवान भी हमारे साथ हे अब हमारी शादी होकर ही रहेगी। दूसरे दिन कुश के पापा ने तेज के पापा को कॉल किया की में आप से मिलना चाहता हु उन्होंने कहा की ठीक है आप आजइये हम मिलकर बात करलेते है फिर कुश के पापा मिले तेज के पापा तब थाना अध्यक्षक थे उन्हें कुश के पापा वही मिले वे तो तेज के पापा का स्वाभाव देख कर खुश होगये कोई सामान से उन्हें सलाम ठोक रहा था तो की अपना काम करवा रहा था तो कोई उनकी तारीफ कररहा था और तेज के पापा भी अपना काम बड़ी ईमानदारी से सादगी से सरलता से करते थे तेज के पापा का ऐसा स्वभाव देख कुश के पापा तो दंग ही रह गए और मनो मन तय कर लिया की में अपनी बेटीकी शादी अब इनके घर ही करूँगा बस फिर तेज के पापा ने उन्हें अपने घर अनेके किये कहा की आइये आप का ही घर है मिल के बैठ कर ठीक से बातचीत करंगे घर पर आइयेगा ठीक है ऐसा कह कर वे चले गए , उनके जाने के बाद तेज को पापा ने तुरंत कॉल किया की तेज फिक्र मत करो समझलो कुश तुम्हारी होगी शादी पक्की , और उसके बाद कुश का कॉल आया और बताया की पापा बोहोत खुश है जबसे पापासे मिलकर आये है और बोले की इतने बड़े अफसर होने के बावजूद वो इतनी सादगी से थे की क्या बताऊं ।

दूसरे दिन कुश के पिताजी घर पर आये और पहले तेज की मम्मी से मिले और मिलते ही वे कुछ बोलते उसके पहलेही मम्मी ने ही उनसे कह दिया की हमें कुछ नहीं चाहिए हमें अपनी बेटी देदीजिये वो अब मेरी भी बेटी है मुझे बहु नहीं अपनी बेटी चाहिए ऐसा सुनकर तो कुश के पापा एकदम खुश होगए और बोले की ठीक है अब से आज से कुश आप की हुई फिर तेज से पहली बार कुश के पापा की मुलाकात हुई तो पापा तेज से कुछ बात चित की वे बोहोत खुश हुवे और बोले की मेरी बिटिया ने बोहोत ही अच्छा लड़का और परिवार पसंद किया हां वाह और कुश के पापा ने अपने आने का न्योता दिया और कहा की एक बार आप भी लड़की से मिल लीजिये हमारा घर देख लीजिये हमने कहा ठीक है जरूर और फिर वे सबसे विदा लेकर कुश के पापा अपने घर चले गये।

फिर कुश तेज से बोली की पापा बोहोत खुश हुवे है और आज से पहले मेने पापा को इतना खुश कभी नहीं देखा पर पापा को एक चिंता भी है की लड़के वाले तो अच्छे है परिवार भी बोहोत सुखी सम्पन्न है पर क्या पता वो दहेज़ में चाहेंगे ककया मांगेंगे भला वो पुलिस अफसर है उनका इतना बड़ा रूतबा है समाज में तो उनके बारबार हम कैसे होसकते है हमारा तो मकान भी किराये का है फिर तेज ने कुश को तुरंत कहा की चिंता मत करो हमें कुछ नहीं चाहिए मुझे बस तुम्हारा साथ चाहिए और मेरे परिवार को तुम्हारे जैसी बेटी चाहिए और कुछ नहीं चाहिए ये सुनकर वो रोने लगी कहा की में कितनी खुशकिश्मत हु तेज ने कहा की मेभी तो खुशकिश्मत हु अब चुप होजाओ कुश बोली ये ख़ुशी के आंसू है तेज ने मुस्कुराते हुवे कहा की पगली कहीं की।

 

  फिर एकदिन तेज के परिवार मिलकर कुश के घर गए उससे मिलने और सगाई करने के लिए हमने हमारी तरफ से सगाई की सारी तैयारी कर ली थी और सगाई की बात सिर्फ कुश उसकी बड़ी दीदी और उसके पापा को ही पता था क्यू की उनके घरवालों को तो सही था की वो कुश को देखने के लिए ही आरहे है पर तेज ये मौका नहीं छोड़ना चाहता था तेज ने अपने जीवन में कई शादिये बनते बनते बिगड़ते हुवे देखी थी तो तय करलिया था की अब जब पहली बार मिल रहा हु कुश से तो उसे हमेशा के लिए अपना ही बना लू सगाई करलूँगा तो कोई दिक्कत ही नहीं रहेगी और हम सब यही सोच घर पहुंचे " तेज ने कुश को पहली बार देखा और देखते ही बोला की अब तो खुश होना " कुश रोते हुवे बोली हां में बोहोत खुश हु और मम्मी ने कुश को गले लगा लिया और बोली की मुझे मेरी बेटी मिलगई बस मुझे और कुछ नहीं चाहिए और बस मम्मी ने सब कुछ छोड़ सगाई की रस्म करवाना शुरू करदिया मेने कुश का हाथ तेज के हाथो में देकर उसे सगाई की अंगूठी पहनाई और पंडितजी के मंत्रोचार के बिच तेजकुश की सगाई संपन्न हुई। 

  सगाई के करीबन सात महीनें बाद हमारी शादी भी होगई और तेज और कुश हमेशा के लिए तेजकुश होगये । तेज और कुश की शादी को चार साल नो महीने हो गए हैं और एक प्यारी सी बेटी भी है अब भी वैसा ही लगाव महसूस करते हैं प्यार करते है और स्नेह करते है जैसे शादी से पहले करते थे।

  एक बहुत दिलचस्प बात है जो आज भी दोनों ये यकीं नहीं होता की वे फेसबुक पर जुड़े फिर दोस्ती हुई प्यार हुवा फिर जिस परिवार ने शादी से बार बार इंकार किया उसी परिवार ने हमारी शादी करवाई शायद हमारा सच्चा प्यार ही था एकदूजे के प्रति विश्वाश और भरोसा ही था जो तमाम दिक्कतों के बावजूद एकदूजे को जुदा होनी न दिया और सबसे बड़ा आशीर्वाद हम पर उस परमात्मा का है जिसने ये सृस्टि बनाई हमें जितना अपने आप पे भरोषा था उतनाही भगवान पर भी भरोसा था और यही भरोसा यकीन में तब्दील होगया।

'' अगर हमारा प्यार सच्चा हो दोनों को एक दूजे पर भरोसा हो तो स्वयं परमात्मा भी हमारा साथ देने लगते है "

 

 में ये अपनी ही प्रेम कहानी लिखी है जिसका नाम है " तेजकुश की प्रेम कहानी " जिसमे तेज लड़का और कुश लड़की है दोनों के नाम का मिश्रण यानी तेजकुश, मुझे तेजकुश की प्रेम कहानी बोलना और बताना ज्यादा अच्छा लगता है।

 


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