संघर्ष प्रेम
संघर्ष प्रेम
बात उन दिनों की है जब एक लड़की, जिसका नाम मेघा, उस लड़के नवीन के दिलोदिमाग में बैठी थी।
लड़की की सुंदरता उसके लंबे केश थे। जैसे केशों की लंबी लटों में सारा संसार थम गया हो।
लड़का उस लड़की को बहुत पसंद करता था पर लड़की नहीं जानती थी वो उसे पसंद करता है। न लड़की ने ध्यान दिया। समय बीतता गया एक बार फिर उस लड़के ने सोचा इस बार हार नहीं माननी फिर बात की जाए।
अब उस लड़की ने सोचा ये वही लड़का है जो बहुत पहले मिला था। अब इससे बात की जाए पर उस लड़की के घर की पारिवारिक परेशानी बहुत थी।
फिर भी उसने बात की ओर वो लड़का बहुत ही समझदार निकला। बात होती रही, दिन बीत गये उस लड़की की माँ को कैंसर था। फिर भी लड़के ने उसका साथ नहीं छोड़ा और न कभी उस लड़की से कोई घूमने की फरमाइश की।
इस आधुनिक युग के प्रेम को देखते हुए वो लड़का हीरा था पर आज भी वो लड़का उस लड़की के साथ है। पता नहीं कब और कैसे मिलेंगे, लड़का मेडिसिन विभाग से है और लड़की एक लेखिका। गाँव का छोरा शहर की लड़की का ये प्रेम नया मोड़ लेगा या दुनिया की इस रोशनी में गुम जाएगा।
