माँ
माँ
माँ एक सपना है एक सच, प्रेरणा है।
इस "माँ" शब्द का मतलब कुछ लोग ही समझ पाते हैं। मैंने वो आह दुःख आज उन्हें खोकर जाना हैं उनकी एक सीख मेरे लिए एक चुनौती होती थी।
सरल प्रकृति की वो मेरी माँ एक झाँसी की रानी थी, आँखों में नमी लिए उसने मेरे लिए बहुत बलिदान किए, कहने को वो साधारण महिला थी पर गुण उसमें एक नेता जैसे थे। दिन बीते और कैंसर ने उन्हें जकड़ लिया, फिर भी जीने की ललक उनमें ऐसी थी। उन्होंने ऐसी खतरनाक बीमारी का सामना किया, सिर्फ मेरे लिए। उनके लिए आज मेरे पास आज ये शब्द हैं, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी।
मेरी माँ के संघर्ष भी कुछ उनके भाँति ही थे। एक हँसती खेलतीं परिवार की लड़की ससुराल मे कितनी जिम्मेदारी निभाती हैं, बिना किसी शिकन के इसलिए वो एक बेटी, पत्नी, माँ, सासू, दादी, नानी सारे रिश्ते निभाती हैं।
एक "माँ" शब्द को ईश्वर ने कितनी शक्ति दी हैं, माँ एक शब्द ही नहीं एक ईश्वर हैं। मुझे यह कमी आज उन्हें खोकर महसूस हुयी है, कैसे मेरा चैन सुकून सब चला गया उनके साथ, अब सिर्फ यादें हैं, किस्से हैं, बातें हैं, यही मेरी सुन्दर सरिता माँ है।।
