प्यार रुकता नहीं
प्यार रुकता नहीं
यह कहानी उस समय की है जब कोरोना की दहशत बहुत ज्यादा थी और देश में पहला लॉकडाउन लगा था ।अस्पताल में आज बहुत अफरातफरी मची हुई थी। हर कोई व्यक्ति अपने अपने काम में व्यस्त था। आज कोरोना के 5 नये मरीज दाखिल हुए थे अस्पताल में । डॉक्टर, नर्स , पुलिस , प्रशासन सब सकते में थे । इतने दिनों से शेखी बघार रहे थे कि हमारे यहां एक भी केस नहीं है कोरोना का । अपनी उपलब्धियों पर इतरा रहे थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्वयं मुख्यमंत्री जी ने पीठ थपथपाई थी कलक्टर और एस पी की । सब गुड़ गोबर कर दिया । गुस्सा आना तो स्वावाभिक था ।
पांचों मरीजों से पूरा विवरण लिया जा रहा था । सुधांशु से भी डिटेल ली जा रही थी । वह एक ही रट लगाए जा रहा था कि पिछले 15 दिनों से वह लॉकडाउन में घर पर ही था । कभी कभार दूध लेने डेयरी और सब्जी लेने पास में ही एक दुकान पर गया था । इसकी पुष्टि उसके घरवाले भी कर रहे थे । परिवार के सभी सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे ।
सुधांशु का मोबाइल नंबर ले लिया था पुलिस ने । जब उसकी कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि किसी अभिषेक नाम के व्यक्ति से उसकी रोज़ाना बात होती थी। काफी लंबी बातें । कभी कभी तो एक एक घंटे तक । किसी किसी दिन तो कई कई बार । इस संबंध में जब सुधांशु से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि अभिषेक उसका मित्र है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के सिलसिले में उससे बात होती रहती है। पुलिस ने उसका मोबाइल मांगा। उसने इंकार कर दिया। मोबाइल छीन लिया गया। एक कांस्टेबल ने वह नंबर डायल कर दिया । उधर से किसी लड़की की आवाज़ आई , हाय सुधी ।
कांस्टेबल चौंका । उसने पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है ? फोन तुरंत काट दिया गया ।
अब पुलिस ने सुधांशु पर शिकंजा कस दिया। मजबूरन उसे बताना पड़ा कि वह अभिषेक नहीं , अभिलाषा है जो उसकी गर्लफ्रेंड है । दूध , सब्जी लेने के बहाने से वे लोग मिलते रहते हैं। घरवालों को पता नहीं चले इसलिए मोबाइल में नाम अभिषेक फीड कर दिया ।
अभिलाषा का पता लेकर एक टीम उसके घर पहुंची । उसका रैपिड किट से कोरोना टैस्ट किया गया तो पॉजिटिव आया । उसके घरवालों का भी टैस्ट किया तो उनका भी पॉजिटिव आया। अब कोरोना के 9 मरीज हो चुके थे। इन चारों बंदों की हिस्ट्री भी ली गई । इन्होंने भी वही कहा " हम तो घर से बाहर निकले ही नहीं " ।
पुलिस ने अभिलाषा की कॉल डिटेल खंगालनी प्रारंभ की तो पता चला कि तीन लोगों से उसकी बात अक्सर होती रही है। एक तो सुधा । दूसरी अनीता और तीसरी हिना । पुलिस ने सख्ती से जब पूछताछ की तो अभिलाषा ने बताया कि सुधा का असली नाम सुधांशु है और अनीता अनिल है । हिना का सही नाम हनी सिंह है । ये तीनों उसके ब्वाॅयफ्रेंड हैं । इन तीनों में से सुधांशु तो पहले ही ट्रैस हो चुका था । अब अनिल और हनी सिंह को ट्रैस करना बाकी था । उनके पते लेकर दो टीम भेजी गयी ।
अनिल तो पास में ही रहता था। टीम तुरन्त उसके घर पहुंच गई । अनिल घर पर नहीं मिला। आटा दाल लेने गया बताया । तब तक घर के बाकी सदस्यों का टैस्ट किया गया। दो सदस्यों में से एक पॉज़िटिव पाया गया। इतने में अनिल भी आ गया। उसका टैस्ट लिया गया। जाहिर है कि पॉजिटिव आना था , आया । दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब तक मरीजों की संख्या 11 हो चुकी थी ।
उधर हनी सिंह के घर पहुंची टीम ने उसके घर के सभी सदस्यों का टैस्ट किया तो पाया कि सभी कोरोना पॉजिटिव थे । चार मरीज और बढ़ गये । अब ये संख्या 15 हो चुकी थी। अनिल और हनी सिंह से कड़ी पूछताछ की तो पता चला कि अनिल की तीन और गर्लफ्रेंड हैं तथा हनी सिंह की दो । पुलिस प्रशासन ने अब अपना माथा पीट लिया । हे भगवान । ये क्या हो रहा है ?
पुलिस प्रशासन इतनी जल्दी हार थोड़ी मान लेता है। उन्होंने ठान रखा था कि हम जीत कर दिखायेंगे । और अपने काम पर फिर से लग पड़े । अनिल की तीनों गर्लफ्रेंड के घरों का सर्वे किया गया। तीनों की तीनों कोरोना पॉजिटिव निकली । उनके घरवालों में से कुल 6 सदस्य पॉजिटिव निकले । अब यह संख्या 24 हो गई थी।
उधर हनी सिंह की दोनों गर्लफ्रेंड समेत घरवालों का टैस्ट करवाया गया तो उसमें एक गर्लफ्रेंड ही पॉजिटिव आई । उसके 2 घरवाले भी पॉजिटिव पाये गये । अब कोरोना पॉजिटिव की संख्या 27 हो चुकी थी।
अनिल की तीनों गर्लफ्रेंड से भी कड़ी पूछताछ की गई तो ज्ञात हुआ कि उन तीनों के दो दो बॉयफ्रेंड और थे । उन सबका टैस्ट करवाया गया तो कुल 8 कोरोना पॉजिटिव और पाये गये । अब यह संख्या 35 हो चुकी थी। अब वह अस्पताल छोटा पड़ गया था। तुरत फुरत में एक होटल को अधिग्रहीत किया गया और उसे अस्पताल बना दिया गया। जिले के समस्त मेडिकल स्टाफ को बुलवाकर वहां लगा दिया गया ।
हनी सिंह की एक गर्लफ्रेंड ही पॉजिटिव आई थी। उसका व उसके घरवालों का भी टैस्ट करवाया गया। तीन मरीज और बढ़ गये । अब संख्या 38 हो गई थी।
अनिल की तीन गर्लफ्रेंड के जो दो दो बॉयफ्रेंड थे वे भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इन सबका टैस्ट हुआ और कुल 15 व्यक्ति पॉजिटिव और पाये गये। अब तक 53 हो चुके थे। पुलिस प्रशासन की हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी कि उन्होंने हथियार नहीं डाले और वे कोरोना से लगातार युद्ध लड़ते रहे।
अब वे भगवान से प्रार्थना करने लगे कि हे प्रभु। आपने ये प्रेम की गंगा जो बहाई है , इसमें अब बाढ़ आ गई है। इससे रक्षा करो प्रभु । जिस तरह आपने यमना जी में अपने नन्हे नन्हे पांव छुआ दिये थे और यमुना जी शांत हो गई , उसी तरह कुछ चमत्कार यहां भी करो प्रभु । वरना पूरा शहर उसी तरह नष्ट हो जायेगा जिस तरह सिंधु घाटी सभ्यता नष्ट हो गई थी ।
प्रभु ने उनकी पुकार सुन ली । सारे टैस्ट नैगेटिव आये । लोगों ने चैन की सांस ली । अब सभी लोग प्यार का लोहा मान गये थे । इसलिए तो कहा है कि
आधुनिक प्यार रुकता नहीं है । आगे से आगे बढ़ता रहता है । प्यार बढाओ पर जरा संभलकर ।

