मेरे मार्गदर्शन मेरे दादा
मेरे मार्गदर्शन मेरे दादा
हम सबकी ज़िन्दगी में कोई न को एक ऐसा व्यक्ति होता ही है जो अलग ही तरह की जगह दिल में रखता है उसकी बाते हम ऐसे सुनते है जैसे हमें वो उस जगह तक छोड़ के आने वाला है जहां हम जाना चाहते है या जहाँ हमें ज़िन्दगी में जाना है । इसमें अतिशयोक्ति कोई नहीं है के हमारे जीवन में हमें कोई न कोई एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जो हमें हमारे मार्ग तक पहुंचा सके अब ये निर्भर हमपर ही करता है के हम सही मार्ग तक जाने के लिए उसका चुनाव करते है या गलत मार्ग तक क्योंकि मार्ग सही हो या गलत दोनों में ही मार्गदर्शक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है ।
ये कोई कहानी नहीं बल्कि एक ऐसी हकीकत है जिसे में अपने कलम के माध्यम से इस पटल पर रख रहा हूँ।
अब से लगभग 8 साल पहले मैंने अपनी ज़िन्दगी में एक ऐसा मार्गदर्शन पाया जो हमेशा मुझे हर गलत काम से बचाता है मैंने जब होश संभाला जब से आज तक मेरे साथ वो साए की तरह चल रहा है खड़ा है मेरे दादा हमेशा मुझे उस मार्ग तक ले जाते है जहां मुझे जाना होता है
वो मेरे दोस्त की तरह हमेशा मेरे साथ खड़े रहते हैं और हर भूमिका में अपनी ज़िम्मेदारी का अहसास करवाते है ।
मेरे जीवन में बहुत से ऐसे मोड़ आये जब मुझे कुछ समझ नहीं आता था तब ही उन्होंने मुझे सही मार्ग दिखाया और भटकने से बचाया। पढ़ाई हो या ज़िन्दगी या फिर और परेशानी सब में मेरा साथ देते है मेरे दादा, मेरे दादा ही मेरे मार्ग दर्शक है ।
उनके आदर्श और जीवन के सिद्धांत हमें बहुत कुछ सिखाते हैं।
ऐसा मार्ग दर्शक हर किसी के जीवन में होना चाहिए ।
मार्ग दिखाने वाले बहुत है मगर मंज़िल तक आप के साथ जान वाले बहुत क़म ।
