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Patel Shubh

Inspirational

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Patel Shubh

Inspirational

कुछ बातें जीवन की

कुछ बातें जीवन की

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जिंदगी के बदलते वक्त में क्या लिख पाऊंगा । हर बदलते वक्त को कैसे सुधार पाऊंगा । कोई प्यार के गम में डूबा है तो कोई उसे पाने की चाह में डूबा है। इंसान की फितरत होती है भूल जाना और वही भूल भगवान जानते है जो आपके हर समय करवाते है। कितना लड़ोगे तुम कितनी विजय पा लोगे । क्या लेके आओंगे क्या लेके जाएंगे। सब समझ आता है लेकिन बात यही बनती है की कुछ समझ नहीं आता या कुछ समझ नही पाता। जवानी के बढ़ते जोश में अनेक होश खो गए और वो ही होश बुढ़ापे में रुला रहे है। जिंदगी में कितना कुछ कर सकोगे जब हर वक्त चिंता के छाए में जीते रहेंगे । मां बाप को बच्चो की चिंता बच्चो को पढ़ाई की चिंता और बड़े होने पर करियर सेट करने की चिंता और बादमें मोक्ष पाने की चिंता और बाद में हमारी चिता उसी चिंता में जल जाती है जो बाद में भी दुख और परिवर्तन के आवेश में तड़पना पड़ता है । इंसान की भूख पेट को जलाती है रुलाती है और हर वक्त याद दिलाती है की वक्त कम है काम ज्यादा है लेकिन बादमें क्या कम जिंदगी है जीना हमे है और हर वक्त मुश्किल परिस्थिति में हम सोचते है की कौन साथ आएगा जो परिस्थिति बदल पाएगा । जवानी में ये सोचते है की कास कोई लड़की मिल जाए तो परिस्थिति बदल सके जीवन की लेकिन ऐसा होता नहीं है । हम सोचते है की भगवान ने जीवनसाथी बनाके भेजा है लेकिन सच बात यही की ये बात बिलकुल ही एक झांसे की तरह है जो आपको गलत रास्ते पे ले जाने से बचाती है लेकिन वास्तविक परिस्थिति अगर ये होती तो जीवनसाथी हमे जीवन की शुरुआत से ही मिल जाता उसके लिए २२ साल या २५ साल तपस्या नही करनी पड़ती या रिश्ते ढूंढने नही जाने पड़ते । जीवनसाथी मिलना वो ही बात हे की जब २ लोग आपसी सहमति बनाए जिसको हम शादी के नाम से जानते है जो कोई भी किसी भी तरह से हो सकता है ना उसमे भगवान आते है ना कोई बाते । सिर्फ और सिर्फ भगवान का नाम देकर जीवन साथी बनाके भेजते है भगवान उससे अच्छा है की आप जीवन में आगे बढ़े और अकेले ही कुछ करने का सामर्थ सोचे क्या वक्त है क्या जज्बात है। पैसे हो तो सब कुछ अपना है वरना कुछ नही है दुख भरे मन से कैसे सोच सकेंगे व्याकुल होती परिस्थिती को किस तरह बदल पाएंगे जज्बाती परिस्थिती को । हम सोचते है की पढ़ाई में शोषण नही होना चाहिए लेकिन देश में हो क्या रहा है बड़े लेवल के कोर्स को करने में हालत खराब हो जाती है तो उसे पेसंस कहते है और वही बात अगर किसी और कोर्स में हो तो शोषण कहते है तब उसे पेसंस नही कहा जाता । आगे बढ़कर जीवन में कुछ अच्छा बनना है तो हमेशा एक बात याद रखो की आप को अपने आप में एक मास्टरी स्किल तो डेवलप करनी ही पड़ेगी अगर कुछ बड़ा करना चाहते हो खुदके पैरो पर खड़ा होना चाहते हो तो उसमे वक्त लगता है और सबसे ज्यादा आपको ही भोग देना पड़ता है और वही लोग दूर की सोच पाते है जो आगे जाके दूरियां की सोच कामयाब होती है । जीवन की चुनौती की अपना बनाकर आगे बढ़ो और बदलते वक्त में बदलना सीखो तब जाके एक नई उम्मीद की किरण आप जगा सकोगे वरना एक एक दिन इस तरह बिताना पड़ेगा की कोने में बैठकर आसू निकालने पड़ेंगे और कोई आसू को रोकने वाला भी नहीं होगा ना जीवनसाथी होगा ना जीवन की उम्मीद और उसकी वजह से आपकी आत्म हत्या तक की सोच जन्म लेने लगेगी जिस सोच को रोकना है आगे बढ़ना है और उम्मीद की नई किरण को अपने आप में नया सुधार लाना है वरना एक बात सोच लेना आपने सामर्थ्य नहीं होगा आपका कोई भी नही है। भगवान भी तो भक्ति का सामर्थ्य मांगते है और भक्त की परीक्षा लेते है तो ये तो जमाना है कौन भाई कौन बहन कौन जीवनसाथी सब कुछ आपके सामर्थ्य पे टिका है वरना सब फीका है तो हमेशा सोच को सही दिशा दो और समय की हर एक सेकंड को अपने आप में नया परिवर्तन लाने के लिए और नया सामर्थ लाने के लिए शक्ति को बचाए रखो और सही समय पे इसका उपयोग करो । जीवन की कुछ बाते कड़वी हो सकती है अगर सही समय पर सिख गए तो समय की मार से बच जाओगे वरना समय की मार ऐसे पड़ेगी की अच्छी अच्छी बाते अपने आप ही सामने आने लगेंगी लेकिन उस वक्त तुम समय की मार से उठ भी नही पाओगे तो जब सही समय है तो उसका पालन करो कब पता क्या पता जीवन आपको कौनसी सोच में डूबा दे या मुश्किल हालात में रख दे तो अपने आप का नया परिचय देखो और जीवन की हर बात पे सफलता पाकर अच्छा जीवन जीना सीखो । याद रखो परिस्थिती चाहे लाख गुणी अलग हो लेकिन विश्वास और समय की सही पहेचान हो तो सफलता मिलती है और पूरे पूरी तैयारी के साथ मिलती है तो जीवन में आप इस तरह से मत जिओ की आपकी कदर कोई चार पांच लोग करे बल्कि इस तरह जिओ की समाज का हर व्यक्ति आपको देखे और अपने आप में सुधार करे । जहा आप खड़े हो वही आपकी पहेचान बन जाए ऐसा कार्य करो तो जीवन में जरूर सुख रूपी बात बनेगी वरना फिर कोई नही है अपना जो सामर्थ्य नहीं है अपना तो कुछ करो अच्छा करो और कभी निराश मत हो क्योंकि वक्त वही से बदलता है जहां आपकी सही पहेचान हो और जब तक आपकी सही पहेचान ना हो तब तक आप हर कार्य में रुचि बनाए रखे क्योंकि एक अनोखी पहेचान बनाने के लिए भी कई सारी कार्यों का अनुभव चाहिए और कुछ अच्छा किए बिना ही जय जय कार नहीं होती उस बात को भी याद रखे और आगे भी हर समय उसी बात को याद रखे की आप किसी की गुलामी करने से आगे नहीं बढ़ोगे अगर सही दिशा में जाने की इच्छा है तो अपने आप की पहेचान को आपकी सफलता बनाओ तो जीवन में कभी भी पराजय का मुख नही देखना पड़ेगा और विजय सिर्फ आपकी ही होगी और बिना डर के आप जीवन की हर परीक्षा में सफल होकर नया स्वपन साकार करके देश की समाज की उन्नति में सुवर्ण रोल निभा सकते हो जो अच्छे भविष्य में आपकी गाथा अनेक लोगो के लिए वीरगाथा बनकर अमर होगी ।



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