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Vandana Hingnikar

Inspirational

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Vandana Hingnikar

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जादुई साइकिल

जादुई साइकिल

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एक बार की बात है, एक गरीब परिवार में राजेश रहता था। वह गरीब होने के कारण पैदल चलकर स्कूल जाता था। एक दिन उसने अपने पिता से उसे साइकिल देने के लिए कहा, लेकिन उसके पिता ने कहा कि अगले साल मैं दे दूंगा। तब राजेश ने बताया, "ओह और एक साल!"

एक दिन जब वह स्कूल से घर आ रहा था, उसने देखा कि एक अंधा आदमी कुछ खोज रहा था। फिर उसने उस अंधे आदमी से पूछा कि वह क्या खोज रहा था। फिर अंधे आदमी ने बताया कि मुझे अपने घर तक पहुँचने के लिए सड़क नहीं मिल रही है। राजेश ने अंधे आदमी को उसकी मदद करने का वादा किया। राजेश नेत्रहीन व्यक्ति का हाथ पकड़कर उसे सुरक्षित घर ले गया।

अंधा आदमी बहुत खुश था और उसने राजेश से कहा कि वह कोई भी वस्तु मांगे। राजेश ने बताया कि मेरे पास साइकिल नहीं है, तो क्या आप मुझे साइकिल दे सकते हैं ?

अंधे आदमी ने जवाब दिया, मैं आपको एक जादू की साइकिल दूंगा, और फिर बताया कि यदि आप बुरे काम के लिए उपयोग करेंगे तो साइकिल गायब हो जाएगी।

तब राजेश ने घर जाकर अपने माता-पिता को सारी बातें बताईं, माता-पिता ने बताया कि अंधे व्यक्ति ने बुरे काम के लिए इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा, उन्होंने कहा कि ठीक है, उसके निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

एक दिन उसने सोचा कि मुझे किराए पर साइकिल देनी चाहिए और पैसे कमाने चाहिए, लेकिन साइकिल गायब हो गई और उसी दिन से वह पैदल चलकर गया।

कहानी का नैतिक - लालची मत बनो। हमारे पास जो है उसमें खुश रहो।


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