गृहस्वामिनी
गृहस्वामिनी
एक शादी समारोह में प्रयागराज जाना हुआ। बहुत सालों बाद वहां जाने का सौभाग्य मिला। बारात में चलते हुए अचानक एक घर की नेम प्लेट पर नजर गई। उस पर लिखा था "गृह स्वामिनी " उर्मिला देवी उसके बाद पति का नाम व पद फिर पता यह पढ़कर हृदय को छूने वाली बात यह लगी की एक स्त्री की अहमियत को सम्मान दिया गर्व हुआ। उस पुरुष के मानसिकता के बारे में सोचकर एक आदर भाव आया कितने अच्छे विचारों वाले एवं स्त्री का सम्मान करने वाले व्यक्ति होंगे। वैसे भी हमारे शास्त्रों में कहा गया है। "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः " जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवता निवास करते हैं और जहां महिलाओं का सम्मान नहीं होता वहां किए गए सभी कार्य निष्फल हो जाते हैं। एक बहुत अच्छी स्मृति लेकर वापस आना हुआ यह बात मुझे हमेशा स्मरण रहेगी।
