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BIG MAGIC CLUB

Inspirational

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बुद्धिमान औऱ मूर्खता में अंतर

बुद्धिमान औऱ मूर्खता में अंतर

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हम आज बात करेंगे बुद्धिमान और मूर्ख इन्सान में फर्क क्या होता है।

अक्सर हम सब ने ऐसे देखे है अपने जीवन काल मे और आज कल की जो ज़माना में क्या हो रहा है। 

सच्ची घटना की कहानी है

बिहार के कुछ मजदूर हरियाणा के पानीपत शहर में छोटी मोटी फैक्ट्री में काम करते थे।

 सब की सब बिहारी ही थे,प्रतिदिन की तरह काम पे जाते और टाइम पे आ जाते थे।

एक दिन की बात है सन्ध्या होने ही वाला था।

 सब ने अपने अपने ड्यूटी से घर जा रहे थे गए भी।

खाना बनाने का जो साधन उपलब्ध नही था अच्छा खासा इसलिए एक छोटा सा गैस सिलेंडर और उसके ऊपर जो चूल्हा आता है जो कि सिलेण्डर के ऊपर में ही धरेड से ही कशा जाता है।

एक दोस्त ने बोला की रवि चावल चढ़ा दो पकने के लिए तो मैंने गैस चूल्हा पे चढ़ा दिया।

चढ़ा तो दिया पर कुछ ही देर बाद में अचनाक से गैस का जो चूल्हा टूट गया। ।

टूटा इसलये की हम जो बर्तन में पानी ज्यादा हो गई और वजन भी।

फिर उसके बाद में सिलेंडर में आग लग गई खुद की कमरे में घबराहट होने की लगी कि अब ये आग कैसे बुझेगी।

तो उसमें से एक उमा नाम के लड़के ने सिलेंडर के ऊपर भरा बाल्टी का पानी उलट दिया यानी कि पलट दिया।

 फिर भी उसके वावजुद आग बाबुला हो गया । और हम सब ने अपना आपा खो दिया अब क्या होगा ऐसा लग रहा था की अब ये सिलेंडर का आग नही बुझेगा तो बहुत ही अनर्थ हो जाएगा।

सिलेण्डर की ब्लास्ट की वजह से पूरा कालोनी निवासी को कालोनी मालिक की ऐसी की तैसी होगी अब।

पूरा अफरा तफरी शोर गुल भग दड मच गई वहां पर बहुत संख्या में जनता एकतत्रित हो चुके थे पर किसी को ज्ञान नही हो रहा था कि ये अब कैसे बुझेगी।।

तो एक उसी में से दोस्त ने जिसका नाम लालू था। बोला की बालू(रेत) लाओ और बालू (रेत) से ढको ।। तो हम सब ने बालू लाना शुरू किया।

 बालू की ढांग पास में ही था लाये हुए बालू की लेकर सिलेण्डर के पास में ढकने के लिए मुन्ना और लालू गए। 

उन दोनों ने बहुत मेहनत के बाद सिलेण्डर को बुझा ही दिया पर सिलेण्डर बहुत ही गर्म हो चुकी थी।

हमे बहुत डर लग रहा था कि अगर सिलेण्डर बुझाने के चक्रर में कुछ अनहोनी ना हो जाये।

उन दोनों ने अपने जान पे खेल के सिलेण्डर को बुझाया।

मूर्खता इसे कहते हैं-

बुद्धिमान होते हुए भी इन्सान की बुद्धि काम करना बंद हो जाति है ऐसे ऐसे जब घटना घटती है।

(अपने हिसाब से )बुद्धिमान इसे कहते है

जो कि अनपढ़ और गवार बेवकूफ होते हुए भी ऐसे ऐसे घटना पर दिमाग काम करने का जो स्पीड प्रेरित करती है।

की किसी को अपने से छूटे हो या बड़े बुद्धिमान ही समझने जाने और आप जितना जानते हैं अपना टैलेंट हर किसी को बताए।


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