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Suresh Mistry

Thriller

4  

Suresh Mistry

Thriller

बिरोलिया डायरीज 5

बिरोलिया डायरीज 5

3 mins
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पिछली रात की नाईट ड्यूटी के बाद अभी अभी दोपहर का खाना खाके सीनियर इंस्पेक्टर सूरज राणा थाने पंहुचा ही था की हवालदार रतन राठी उसके पास दौड़ता हुआ आया और बोला साहब अभी आपके घर पे कॉल किया तो पता चला आप थाने के लिए निकल गए है .इस पर सूरज बोला कौन सा आसमान टूट पड़ा जो थोड़ी मेरी राह भी नहीं देख सकते थे फिर रतन ने जवाब दिया की अभी अभी बिरोलिया स्टेशन से कॉल आया था और फिर सारी बात बताई .

सूरज ने पहले अपनी घडी देखि फिर बोला अभी अगली गाडी को काफी टाइम है तुम एक टीम और जीप तैयार करो तब मैं डॉक्टर साहब को बुला लेता हु और हाँ तुम एक एम्बुलेंस का भी बंदोबस्त कर दो जल्दी .

इतना कहकर सूरज अंदर फ़ोन की तरफ लपका और तुरंत डॉक्टर किशन सोलंकी को कॉल लगा दी .करीब आधे घंटे बाद अपनी टीम डॉक्टर और एम्बुलेंस के साथ सूरज बिरोलिया के लिए रवाना हुआ .मौकाए वारदात पर पहुंचते ही सूरज और डॉक्टर किशन अपनी तफ्तीश में जुट गए .

इधर ट्रैन में अपने पिता को न पा कर उसने तुरंत पास के बूथ से दिल्ली के अपने पिता के घर फ़ोन लगाया तो पता चला वो तो इसी ट्रैन से रवाना हुए थे .अब अमित परेशान हो गया और तुरंत रेलवे पुलिस स्टेशन अहमदाबाद पहुंचा .

कुछ ही देर में पूरा पेंट्री स्टाफ ,गार्ड और टिकट चेकर अहमदाबाद पुलिस स्टेशन में हाज़िर थे .

गार्ड ने हुलिए के हिसाब से उनको कल रात की इंजन फ़ैल होने और फिर उनके स्टेशन तक आने की पूरी बात बताई फिर बोला हवलदार की बात सुन कर वो वापस ट्रैन की तरफ चल दिए .

ऑन ड्यूटी अफसर कार्तिक पंड्या ने पूरी बात सुनने के बाद एक रजिस्टर निकला और उसमे से बिरोलिया स्टेशन ऑफिस में कॉल लगा दिया .

बात पूरी होने के बाद कार्तिक ने अमित से कहा आप को पहली ट्रैन से फालना पहुंच जाना चाहिए सॉरी टू से पर खबर अच्छी नहीं है बिरोलिया के पास झाड़ियों में एक लाश मिली है और उसकी शिनाख्त आप के पिता यानि हरीश चौधरी के रूप में हुई है .बटुए में मिले पते और फ़ोन नंबर के हिसाब से पुलिस ने आपके घर पर इसकी सुचना कर दी है .

यह सुनते ही अमित वहा से उठा और तुरंत अपनी बाइक पे सवार होके घर की तरफ निकला .

सब वहा खड़े गमगीन नज़रो से उसे जाते देखते रहे .

अमित ने घर पहुँच कर अपनी पत्नी को सांत्वना दी और एक बैग में 1जोड़ी कपडे भर कर वो फालना के लिए रवाना हो गया.शाम 6.30की ट्रैन उसको मिल गयी और लगभग 11.30के आस पास वो फालना स्टेशन पहुंचा.पुलिस स्टेशन में पहुँचते ही उसने कहा आज बिरोलिया में जिनकी लाश मिली है मैं उनका बेटा हु .तभी इंस्पेक्टर सूरज ने कहा आप बैठिये आप के पिता की लाश को नजदीकी हॉस्पिटल में ले जाया गया हम आपको वहां ले चलते है बस 2 मिनट उन दोनों को भी आ जाने दो जो दिल्ली से आये है इस केस की जाँच करने अभी हाथ मुँह धोकर आते ही होंगे .

अमित ने तपाक से पूछा कौन दोनों और दिल्ली से ?

सूरज ने जवाब दिया स्पेशल अफसर और उनका सहयोगी डॉक्टर 

"रोनी और डॉ तलवार .......


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