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Laxmikant Chourasia

Drama

5.0  

Laxmikant Chourasia

Drama

बहाना

बहाना

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सुनीता बहुत जल्दी जल्दी घर से निकलती है और माँ से बोलती है, "माँ मैं रीता दीदी (जिसके घर सुनीता काम करती है) से कल की छुट्टी ले लूँगी और कल तुम्हे अस्पताल ले चलूंगी।" सुनीता यह बोलकर निकल गई।

रीता दीदी के पहुँचकर काम में लग जाती है। तभी अरुण रीता का पति-

"रीता मैं ऑफिस जा रहा हूँ।"

रीता -" रूको।"

अरुण-" क्या हुआ ! "

रीता- "कल की ऑफिस से छुट्टी ले लेना।"

अरुण -"यार अभी तो छुट्टी ली थी।"

रीता -" मैंने बच्चों से बोल दिया कल घूमने चलेंगे।"

अरुण -"पर बॉस से क्या बोलू फिर ?"

रीता -" बोल देना माँ की तबियत ठीक नहीं गांव जाना है।"

अरुण - "ओके बाय।"

तभी सुनीता जो ये सब बातें सुन रही थी संकुचित मन से कुछ सोचते हुए, "दीदी मुझे कल की छुट्टी चाहिए, मेरी माँ की तबियत सच में ठीक नहीं है।"


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