ज़िंदगी के बाद
ज़िंदगी के बाद
ज़िंदगी के बाद
क्या होगा
ये किसीको भी नहीं पता
आज में ज़िंदगी जिओ तुम
कर्म अच्छे करो तुम
आज को सुधारो तुम
आने वाला कल
सुधर जाएगा
आज को रंगीन
बनाओ तुम
इसलिए ज़िंदगी में
कुछ करो तुम
इस ज़िंदगी में,
ओरों से अलग करो तुम
कुछ तो करो तुम
ऐसे ही ज़िंदगी को
जाने मत दो तुम
इस ज़िंदगी में
तहलका मचा दो तुम
ज़िंदगी के बाद
क्या होगा
ये किसी को भी नहीं पता
इस ज़िंदगी को
यादगार बना दो तुम
ज़िंदगी के बाद
कहा जाएंगे
ये किसी को भी
नहीं पता
कर्म अच्छे करो तुम
अच्छाई, ईमानदारी, और धर्म
को अपनाओ तुम
मानवता को जाग्रत करो तुम।
