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अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित'

Abstract Inspirational

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अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित'

Abstract Inspirational

वतन के लिए

वतन के लिए

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खुशी खुशी जान दे देंगे वतन के लिए।

लहू अपना बहा देंगे इस चमन के लिए।


आँच आए न मेरी माँ भारती पर कभी,

चाहे मरना पडे़ हर जनम के लिए।


न झुका है, न झुकेगा ये तिरंगा कभी,

हुंकार भर के बढो़ शत्रु दमन के लिए।


कुर्बान तुझ पर वतन ये मेरी जिंदगी, 

तिरंगा ही मिले बस, कफ़न के लिए।


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