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Kunwar Navneet Chandel

Abstract

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Kunwar Navneet Chandel

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वो सुन्दरता

वो सुन्दरता

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नजरें मिलती है जब उससे, 

चहुंओर शून्य नजर आता है। 


निशब्द हो जाता हूँ, 

वक्त थम सा जाता है। 


उमड़ता है ज्वार

मेरे अन्तरमन में, 


वो खूबसूरत चेहरा

नजर जब आता है। 


देखकर उसको

मन मचल जाता है।


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