STORYMIRROR

Kunwar Navneet Chandel

Abstract

3  

Kunwar Navneet Chandel

Abstract

वो सुन्दरता

वो सुन्दरता

1 min
330

नजरें मिलती है जब उससे, 

चहुंओर शून्य नजर आता है। 


निशब्द हो जाता हूँ, 

वक्त थम सा जाता है। 


उमड़ता है ज्वार

मेरे अन्तरमन में, 


वो खूबसूरत चेहरा

नजर जब आता है। 


देखकर उसको

मन मचल जाता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract