वक्त की आवाज सुनो
वक्त की आवाज सुनो
एक तरफ हमारा बंगाल "धू धू" जल रहा है
दूसरी तरफ लाचार "राजा" हाथ मल रहा है
"चण्डालिका" लाशों पे हंस हंस नृत्य कर रही है
"जेहादी" भीड़ हिन्दुओं पर पथराव कर रही है
पुलिस भीड़ से डरकर खुद का बचाव कर रही है
न्यायपालिका धृतराष्ट्र सी अंधी बन सब देख रही है
असहाय हिन्दू हर जगह से पलायन कर रहा है
बंगाल में मेरे संविधान का जनाजा निकल रहा है ।।
वो केन्द्र के कानून को अपने राज्य में लागू नहीं करेगी
वो ईडी , सीबीआई के अधिकारियों को घुसने नहीं देगी
विरोधी दल के समर्थकों को मार मार कर शांत कर देगी
ऐजेंडा के चलते न्यायपालिका भी मूक दर्शक बनी रहेगी
बड़ा अजूबा सा सर्कस देखने को मिल रहा है
सोच सोचकर भारतीयों का दिल दहल रहा है ।।
जब तक अपनी अपनी जातियों में बंटे रहोगे तुम
भ्रष्ट तानाशाह जेहादी नेताओं को चुनते रहोगे तुम
धर्मनिरपेक्षता की मीठी चाशनी को पीते रहोगे तुम
ऐसे ही डर कर पलायन करने को विवश रहोगे तुम
"योगी" सा नेता हो देश में हर कोई यह कह रहा है
फिर वर्तमान ही नहीं तुम्हारा भविष्य भी सुनहरा है ।।
श्री हरि
14.4.2025
