Nusrat Balur
Inspirational
उम्मीद की रौशनी
जगाए रखना
मुश्किल में हिम्मत
बनाए रखना ..
उम्मीद
कोइ तो होगा
नानियाल
ना धोखे में रहना, बड़ा संकट है ज़िद है जीत'ना, बड़ा टेस्ट मैच है। ना धोखे में रहना, बड़ा संकट है ज़िद है जीत'ना, बड़ा टेस्ट मैच है।
मानवता का मूल सिखाती सभ्यता हैं विकास हैं किताबें। मानवता का मूल सिखाती सभ्यता हैं विकास हैं किताबें।
ऐ परिन्दे, कुछ तो दुआ दे इंसान को खुले आसमानों की; पिंजरे का दर्द क्या है, अब समझ चुकी है ज़िन्दगी.... ऐ परिन्दे, कुछ तो दुआ दे इंसान को खुले आसमानों की; पिंजरे का दर्द क्या है, अब स...
आओ मिल कर सब खोजें वो चेहरे की मुस्कुराहट रुहानी। आओ मिल कर सब खोजें वो चेहरे की मुस्कुराहट रुहानी।
यह मुश्किल दौर भी गुजर जाएगा कोरोना का कहर थम जाएगा। यह मुश्किल दौर भी गुजर जाएगा कोरोना का कहर थम जाएगा।
जननी प्यारी उस मां को, लो करें आज सलाम जननी प्यारी उस मां को, लो करें आज सलाम
चलो कदम बढ़ावो रे अबला को सबला बनावो रे। चलो कदम बढ़ावो रे अबला को सबला बनावो रे।
हौसला रख ए ज़िन्दगी फिर सुबह मुस्कुराएगी। हौसला रख ए ज़िन्दगी फिर सुबह मुस्कुराएगी।
निरंतर तू आगे बढ़ते जाना तेरी मेहनत ही तेरा भाग्योदय है सुन प्यारे ! निरंतर तू आगे बढ़ते जाना तेरी मेहनत ही तेरा भाग्योदय है सुन प्यारे !
कौन कहता है मैं क़ैद हूँ? मैं क़ैद नहीं, मुस्तैद हूँ। कौन कहता है मैं क़ैद हूँ? मैं क़ैद नहीं, मुस्तैद हूँ।
लोगों की जागरूकता और प्रवचन ताक पर जाती है, जब खुद के बेटे की दहेज गिनने की बारी आती लोगों की जागरूकता और प्रवचन ताक पर जाती है, जब खुद के बेटे की दहेज गिनने की बा...
भारतवासी सुनो गौर से… निज शीश हिमालय-मुकुट धरा पैरों को धोये हिन्दसागर में भारतवासी सुनो गौर से… निज शीश हिमालय-मुकुट धरा पैरों को धोये हिन्दसागर में
क्योंकि प्राइवेट नौकरी ही आजकल ईमानदार होती है। क्योंकि प्राइवेट नौकरी ही आजकल ईमानदार होती है।
हम सब मिलकर पेड़ लगाएं। जीवन को हरा भरा सुंदर कर जाएं। हम सब मिलकर पेड़ लगाएं। जीवन को हरा भरा सुंदर कर जाएं।
धूल, मिट्टी, प्रदूषण बहुत हो गई हैं, स्वस्थ हवा तो बस, ख़त्म हो गई है। धूल, मिट्टी, प्रदूषण बहुत हो गई हैं, स्वस्थ हवा तो बस, ख़त्म हो गई है।
हम भी क्या करते,किस सोच में पड़ते, क्या अपने ही ख़्वाबों से लड़ते? हम भी क्या करते,किस सोच में पड़ते, क्या अपने ही ख़्वाबों से लड़ते?
हम को सुला के सूखे में माँ खुद गीले में सोती हैं हम को सुला के सूखे में माँ खुद गीले में सोती हैं
अपने किसी चमत्कार से कष्ट सारा दूर करो। अपने किसी चमत्कार से कष्ट सारा दूर करो।
आपकी ये सच्ची मेहनत ज़रूर रंग लायेगी सारी उमंगे फिर से लौटकर आएगी आपकी ये सच्ची मेहनत ज़रूर रंग लायेगी सारी उमंगे फिर से लौटकर आएगी
दुनिया के सब रिश्ते -नातों से अलग है, माता का है सबसे अद्भुत सा ही नाता। दुनिया के सब रिश्ते -नातों से अलग है, माता का है सबसे अद्भुत सा ही नाता।