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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Comedy Romance Classics

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Comedy Romance Classics

तर्ज : मान जाइए मान जाइए बात

तर्ज : मान जाइए मान जाइए बात

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पैरोडी तर्ज : मान जाइए मान जाइए  

बात मेरे दिल की मान जाइए  


मान जाइए मान जाइए  

बात मेरे दिल की जान जाइए  

सुनो जी सनम , तुम्हारी कसम 

ऐसे ना बनो अनजान जाइए  

मान जाइए मान जाइए  

बात मेरे दिल की जान जाइए  


अंतरा नंबर 1 


ऐसा हमने क्या किया जो

आप हमसे खफा हुए  

बात ऐसी कुछ भी नहीं थी

जो आप यहां से दफा हुए 

तुम्हारी इसी बात से खुराफात से 

हम हैं बड़े ही हैरान जाइए  

अजी मान जाइए मान जाइए 

बात मेरे दिल की जान जाइए  


अंतरा नंबर 2 


तुमको मन मंदिर में बसा के

पूजा करते हैं सजनी 

कैसे बताऐं तुमको कि

चाहत तुमसे हमको है कितनी 


हमारे प्रेम का सिला हमें यूं मिला 

टूट गये अरमान जाइए  

अरे मान जाइए मान जाइए 

बात मेरे दिल की जान जाइए  

अजी मान जाइए मान जाइए 


बात मेरे दिल की जान जाइए 

सुनो जी सनम तुम्हारी कसम 

ऐसे ना बनो अनजान जाइए  

ओ मान जाइए मान जाइए 

बात मेरे दिल की जान जाइए।


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