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Shivprasad Rahate

Abstract

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Shivprasad Rahate

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तितली।

तितली।

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दूर पेड पर देखो तो, 

एक गोल सा गोला दिखता है।

मगर कौन जाने की वह,

एक अलग दुनिया समाता है।


जो सुंदरता और प्यार का 

प्रतिक कहलाता है।

जब वह गोला फटता है,

तब दो दुनियाओ का मिलन होता है।


जो एक जीव को जन्माती है,

जो जग मे प्यार और शांति फैलाती है।

इसीलिए वह एक तितली कहलाती हैं।


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