STORYMIRROR

Shivprasad Rahate

Abstract

3  

Shivprasad Rahate

Abstract

तितली।

तितली।

1 min
218

दूर पेड पर देखो तो, 

एक गोल सा गोला दिखता है।

मगर कौन जाने की वह,

एक अलग दुनिया समाता है।


जो सुंदरता और प्यार का 

प्रतिक कहलाता है।

जब वह गोला फटता है,

तब दो दुनियाओ का मिलन होता है।


जो एक जीव को जन्माती है,

जो जग मे प्यार और शांति फैलाती है।

इसीलिए वह एक तितली कहलाती हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract