हर बच्चा है लिट्ल सिंघम।
हर बच्चा है लिट्ल सिंघम।
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जब मैं सौता हूँ,
एक टिम टिम सा खयाल आता है,
जो मुझे एक अलग ही दुनिया में ले जाता है,
जो कल्पना से परे होता है।
जब मैं अपने सपने के बारे में बताता हूँ,
तब लोग कहते हैं
भाई तू अभी छोटा है।
छोटा न समझना,
बड़े ख्वाब रखता हूँ,
तेरे टयूबलाइट में
बल्ब सा चमकता हूँ।
मुझे न समझो कम,
क्योंकि,
विचारों की माला मैं जपता हूँ,
तेरे जैसै मंद बुद्धि को,
मैं अक्ल का छुट्टा देता हूँ।
किसी भी बच्चे को
ना समझना कम,
क्योंकि,
हर बच्चा है 'लिट्ल सिंघम'।
