STORYMIRROR

Pradnya Khadakban

Abstract

4  

Pradnya Khadakban

Abstract

तौत्के तुफान

तौत्के तुफान

1 min
193

दौड़ाते आया तौत्के तुफान

बिन मौसम हुई बरसात


धुल के घेरों में प्रकृति

प्रदूषण के घेरों में प्रकृति


झूम झूम के गिरी बारिश 

नहलाई सारी प्रकृति


हरे रंग से चमक उठी धरती 

मिट्टी से महक उठी धरती।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract