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Pradnya Khadakban

Abstract

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Pradnya Khadakban

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तौत्के तुफान

तौत्के तुफान

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दौड़ाते आया तौत्के तुफान

बिन मौसम हुई बरसात


धुल के घेरों में प्रकृति

प्रदूषण के घेरों में प्रकृति


झूम झूम के गिरी बारिश 

नहलाई सारी प्रकृति


हरे रंग से चमक उठी धरती 

मिट्टी से महक उठी धरती।


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