सतरंगी मन
सतरंगी मन
सतरंगी मन अतरंगी सवाल है करता
वो वीर जवान सुरक्षाकर्मी है जिन्होंने देश की सुरक्षा
हर मुश्किल घड़ी मे करने का बेडा है उठाया
आज उनकी ही जान पर है बन आयी है
क्या उनका घर - परिवार नहीं
नात - रिश्तेदार नहीं वो भी तो इंसान ही है
क्या उनकी जान, जान नही ?
आज परिस्थितिया इतनी गंभीर है
परिस्थितियों को गंभीरता से ना लेकर
ना जाने क्या है कर रहे
कोरोना एक महामारी है भयंकर बीमारी है
बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ानी है
खुद ही लड़ - लड़ कर नहीं जान गवानी है
सतरंगी मन अतरंगी सवाल है करता
क्या बिरह के बादल छाट कर
सतरंगी रंग चारो दिशाओ नहीं है फैलाना
सतरंगी मन अतरंगी सवाल है करता
क्या बारिश के बाद इंद्रधनुष को नहीं है निकलना ?
