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VIPIN KUMAR TYAGI

Inspirational

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VIPIN KUMAR TYAGI

Inspirational

सफर

सफर

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सफर का अपना अलग ही व्यवहार होता,

कभी सफर आनंददायक तो कभी सफर कष्टदायक होता,

सफर कभी योजनाबद्ध होता तो कभी सफर अचानक होता,

सफर में यदि कोई दोस्त भी हो तो सफर का आनंद बढ़ जाता,

सफर कभी प्रकृति की अद्वितीय सुंदरता के दर्शन कराता,

सफर कभी प्रकृति के खतरों से भी सामना कराता,

सफर का आनंद सफर करने वाले पर होता,

कुछ उसी सफर का आनंद लेते और कुछ उसी सफर में परेशान भी रहते,

सफर का आनंद अपने जीवनसाथी के साथ ओर भी बढ़ जाता,

सफर को जीवनसाथी आनंददायक व अविस्मरणीय बना देता,

सफर अगर पहाड़ी रास्तों पर हो तो वह और भी ज्यादा आनंददायक होता,

पहाड़ों का कठिन सफर हमें और भी अच्छे अनुभव देता,

सफर अगर रेगिस्तान के रास्तों का हो तो वह अलग ही आनंद देता,

सफर अगर समुद्री रास्तों का हो तो उसका आनंद अलग ही होता,

सफर अगर हवाई जहाज से हो तो उसका आनंद अलग ही होता,

सफर अगर रेलगाड़ी से हो तो उसका आनंद अलग ही होता,

सफर सफर ही होता, प्रत्येक सफर हमें अलग अलग अनुभव व आनंद देता,

सफर का अपना अलग ही व्यवहार होता,

कभी सफर आनंददायक तो कभी सफर कष्टदायक होता,



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