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Gazal Priya

Abstract

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Gazal Priya

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संविधान पिता

संविधान पिता

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समाज का सामना करना सिखाया है।

परिस्थितियों से लड़ना सिखाया है

भीमा उनका नाम कहलाया है।

दुश्मनों से प्रेम करना सिखाया है


जातियों में एकता का ज्ञान फैलाया है

समानता को देश में दिखलाया है

भीमा उनका नाम कहलाया है।

आगे बढ़ने का रास्ता दिखलाया है

रोशनी को संसार में फैलाया है

अंधेरे के बाद सूर्य से अवगत करवाया है

भीमा उनका नाम कहलाया है।

रोते हुए भी हंसना सिखाया है


सोते हुए भी पढ़ना सिखाया है

वही मेरा मार्गदर्शक कहलाया है

भीमा उनका नाम कहलाया है।

कुरीतियों को देश से हटाया है

संविधान को भारत में बनाया है


वही मेरा बाबासाहेब आंबेडकर कहलाया ‌‌‌‌है।

वही मेरा बाबासाहेब आंबेडकर कहलाया है।


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