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Aniqua Nargis

Inspirational

5.0  

Aniqua Nargis

Inspirational

संकल्प

संकल्प

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दिल है छोटा आशा है बड़ी

आकाश छूने को मैं हूँ खड़ी

कितनी भी बाधाएँ हों।

कितनी भी यातनाएँ हों।

मन में जो संकल्प है

पूरा करना यही विकल्प है

हर पल आगे बढ़ना है

कठिनाइयों से ना डरना है

यह सोच हमारा नारा है

हिम्मत मैंने न हारा है।

दिल है छोटा आशा है बड़ी

आकाश छूने को मैं हूँ खड़ी


जब होता है मन में डर

नजर उठती है अम्बर पर

देखती हूँ उन चिड़ियों को

जो आकाश में उड़ते निडर

ऊँची उड़ान भरते हैं

तेज़ हवा से लड़ते हैं

मिलकर साथ उड़ाने भरकर

एकता का दम भरते हैं।

उच्च पथ पर ले जाएँ जीवन

यही हमारी अभिलाषा है

दिल है छोटा आशा है बड़ी

आकाश छूने को मैं हूँ खड़ी



जब होता है मन में डर

पड़ती है नज़र मकड़ी के जालों पर

सौ बार गिरे फिर उठ जाए

फिर भी मेहनत से ना घबराए

जाले वह बनाकर दम लेती है।

क्या काम वह हिम्मत से कम लेता है?

दिल है छोटा आशा है बड़ी

आकाश छूने को मैं हूँ खड़ी

जब होता है मन में डर

नन्हीं चींटी पे पड़ती है नज़र

साहस का पाठ पढ़ाती है।

वह कितना भार उठाती है

चलकर लम्बी कतारों में

अनुशासन हमें सिखाती हैं

दिल है छोटा आकाश छूने को

मैं हूँ खड़ी आशा है बड़ी


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