संकेत
संकेत
सितारे मार्ग बना चला करते हैं क्या
जैसे झुंड पक्षियों के एक सीध
आसमान में उड़ा करते हैं,
मृत्यु भावहीन सी आ परिचितों
को रुला जाती है,
वहीं जन्म किलकारी के साथ
गुदगुदाती है।
नश्वर ना कुछ है, ना था, ना होगा
फिर भी डोलता पत्ता वृक्ष में
जीवन के संकेत बता देता है।
कलियों का खिलना,
धरा पर भास्कर की छटा
जीवन को गतिमान बना देता है।
राह रोक खड़ा प्रहरी किसी किसी को
अंदर प्रवेश करने दे सबको
उनकी औकात बता देता है।
कब देहवसान हो ज्ञात नहीं पर
शरीर में धर कर गई बीमारियां
मृत्यु का संकेत बता जाती है।
