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Raj mevada

Abstract

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Raj mevada

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संघर्ष

संघर्ष

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जुल्म सह रहा हूँ जिंदगी के

मेरा भी दिन निकलेगा ।

रातो के संघर्ष में दफ्न हूँ आज

मेरा भी सितारा चमकेगा ।


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