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Monika Jayesh Shah

Inspirational

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Monika Jayesh Shah

Inspirational

समाज की संस्कृति

समाज की संस्कृति

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समाज की संस्कृति का अपना एक दायरा बना हैं।

जहां कार्यकारिणी बना कर सब अपनी

जिम्मेदारी को बखूबी निभाते है एक पूरे परिवार की तरह..

अलग अलग सांस्कृतिक प्रोग्राम कर सबका मनोरंजन करते है।


साथ साथ शिक्षा का भी मान रखते हैं..

हर एक की प्रगति का सम्मान करते हैं..

चाहे छोटे हो या बड़े सभी का बखान करते हैं।


70वी आने पर फूल हार पहना कर बड़े बुजुर्गो का मान –सम्मान रखते हैं।

और किसी के जानें पर भी ढुख का भी अवसान करते हैं..

हर एक के सुख दुख में पूरे परिवार की तरह मिलनसार बन जाते हैं!

ऐसा हैं हमारा प्यारा समाज..


खुद को खुद के काबिल बनाया;

मन में जो आया वो लिख डाला;

देखो आज प्रेरणा पाकर 

मैने अपना जीवन

सफल बनाया!

मुझे किसी ने रोका नहीं

मुझे किसी ने टोका नहीं


समाज के साथ लॉक डाउन में मैने 

अपना कवियत्री का खिताब पाया!

बढ–चड़कर मुझे बढ़ाईया मिली;

अपनो का विश्वास पाया !

साथ अपने जीवन

साथी का साथ पाया !


घर काम करते करते 

मैने अपनी कविता का

जीवन में सार पाया !

छोटी छोटी बाते जो

 जीवन से होकर गुजरती हैं;

 उसी मे अपना नाम पाया !


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உள்நுழை

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