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Deepak Kumar jha

Abstract

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Deepak Kumar jha

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शून्य

शून्य

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जीवन में

अपना व्यक्तित्व  

शून्य रखिये

 

ताकि कोई उसमें

कुछ भी घटान सके

परंतु जिसके साथ

खड़े हो जाएं


उसकी कीमत दस

गुना बढ़ जाये।


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