शिक्षक
शिक्षक
थाम के ऊंगली जिसने
हमे पढ़ना सिखाया है
चलना माँ ने सिखाया था
तुमने आगे बढ़ना सिखाया है
मिली है ममता तुमसे
तुम्ही से सीखी दुनियादारी।
माँ-बाप ने जन्म दिया,
और तुमने एक शिखर दिया
एक जौहरी हो तुम
जो क्या से क्या बना दिया
कंकड़ थी मैं, तुमने हीरा बना दिया।
अगर माँ-बाप का करूँ सत्कार
तो आदर के काबिल तुम भी हो
एक शिक्षक हो तुम मेरे
मेरे भगवान भी हो।
है कर्ज तुम्हारे मुझ पर,
चुका नहीं मैं सकती हूँ
है हक हर साँस पर मेरी
ना ये जुठला मै सकती हूँ।
