STORYMIRROR

Manju Saini

Inspirational

4  

Manju Saini

Inspirational

शीर्षक:मेरी माँ कभी नही मरेगी

शीर्षक:मेरी माँ कभी नही मरेगी

1 min
358

चली गई मेरी माँ गौ-लोकधाम

माँ के चले जाने की पीड़ा 

मन में पैठ कर जाती हैं

कहते हैं मेरी माँ मर गई


क्या माँ एक दिन ही मरती हैं

प्रश्न मन में उठता है मेरे..?

उत्तर भी मेरे अन्तस् से आता हुआ कि

मेरी माँ कभी नहीं मरेगी..!


क्योंकि माँ तो रोज यादों में आती हैं

सुखद अहसास दे जाती हैं ये यादें

और फिर से शुरू होता हैं माँ का मरना

हर याद और अहसास के तुरंत बाद


मरती हैं मेरी माँ रोज-रोज

विश्वास वही फिर से पुनर्जीवित होगी

उत्तर भी मेरे अन्तस् से आता हुआ कि

मेरी माँ कभी नहीं मरेगी..!


मेरी माँ के रूप में पुनः

माँ हर सुख दुख में स्वतः ही याद आती हैं

मानों गई ही नही हमसे अलग कभी

उम्रदराज होकर भी माँ का वही स्नेहिल रूप


नजर आता हैं हर याद में कयोंकि

हर दर्द में मेरे साथ आज भी तो रहती हैं

उत्तर भी मेरे अन्तस् से आता हुआ कि

मेरी माँ कभी नहीं मरेगी..!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational