शब्दों का जादू
शब्दों का जादू
ये शब्दों का भी अजब मेला है,
जहाँ अल्फ़ाज़ों का बड़ा झमेला है।
किसी के पास मोहब्बत का थैला,
तो किसी ने नफ़रत की तलवार को झेला है।
दिल का ये खेल, समझ ले ज़माना,
कहीं मीठा एहसास, कहीं ज़हर का पैमाना।
इसलिए कहता हूँ, जितना बाँट सको,
बाँट लो प्यार की मिठास,
क्योंकि आख़िर में हर कोई रह जाता है तन्हाई के पास।
सबसे पहले जाता है वही जो होता है सबसे ख़ास,
पर याद रखना, चाहे कुछ भी हो, न होना कभी उदास।
हँसी, ख़ुशी, मस्ती में जी लो जीवन की हर एक साँस,
क्योंकि यही असल ज़िंदगी का है प्यारा एहसास।
