STORYMIRROR

JAYANTA TOPADAR

Abstract Action Inspirational

4  

JAYANTA TOPADAR

Abstract Action Inspirational

सारस-सा लक्ष्य

सारस-सा लक्ष्य

1 min
341

तुम सारस बनो...

तभी तुम अपनी लक्ष्यप्राप्ति

की ओर आगे बढ़ सकते हो..!


तुम सारस बनो...

तभी तुम धीर-अडिग

बन सकते हो...!


तुम सारस बनो...

तभी तुम अपने शिकार पर

सही निशाना सांध सकते हो...!


तुम सारस बनो...

तभी तुम अपने पेट की अगन

बुझा सकते हो...!


तुम सारस बनो...

तभी तुम इस महंगाई में

अपना परिवार चला सकते हो...!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract