STORYMIRROR

Subhsanto G3

Inspirational Others

4  

Subhsanto G3

Inspirational Others

राम लौटा दो या रावण बना दो

राम लौटा दो या रावण बना दो

2 mins
439

मुझे कोई राम लौटा दो या मुझे

रावण सा शैतान बना दो

नारी की इज़्ज़त के लिए लड़

जाए ऐसा भगवान बता दो 

नारी उठाकर भी इज़्ज़त को

महफूज रख दे

                     

या ऐसा इंसान बना दो 

हर घड़ी लुट रही है अस्मिता

सीता की राम के देश में 

कोई तो हो जो रक्षा करे सीता की 

चाहे वो आये रावण के भेष में 

वो बात रही ना अब राम के

आदेश में 

मर रही है सीता गृह क्लेश में 

हर कोई फिर रहा है जिस्म

नारी का लूटने के द्वेष में 

मान लो राक्षसी खून मिल

गया है राम के प्रवेश में 


राम भूमि के लिए लड़ रहे हो पहले

राम के गुण तो अपना लो

बाबरी मस्जिद बाद में तोड़ना

पहले औरतों की इज़्ज़त तो बचा लो

मुगली विचारों को छोड़कर

आर्यावर्त का खून बाहर निकालो

 माँ बहन पर बुरी नज़र पड़ी है

अब तो शमशीर उठा लो 


पितामह भीष्म से बन नारी सामने

पाकर दुश्मन पर भी वार ना कर 

हिंदू धर्म है तेरा, दूसरे धर्मों की तरह

औरतों पर अत्याचार ना कर

तीन तलाक हलाला वह करते हैं

पर हवस से तू भी नोच रहा है

नारी को 

                      

उस पर भी विचार कर 

वाहेगुरु ईश्वर अल्लाह और

सुन मेरे भगवान

लौटा दो औरत की वो इज़्ज़त वो

सम्मान 

दबी पड़ी यहां पर विश्वआरा,

लोपा, मैत्रयी सी विद्वान 

बोली हर औरत अपनी बोली,

ना मर्द की बोले ज़ुबान 

हर नारी में सीता दिखे जो

बढ़ाए भरत देश की शान

राम राज्य से हो मेरे हिंदुस्तान

की पहचान

अगर ना हो पाए ऐसा तो

मिटा दो हस्ती- ए-इंसान 

कुछ को ज़मीन में दबा दो

कुछ को बना दो राख-ए-शमशान 

हाथ उठे सीता पर,

ना चाहिए मुझे ऐसा हिंदुस्तान


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational