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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

राखी की सौगात

राखी की सौगात

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मे राखी की सौगात लाया हूं

मैं सीमा से चलकर आया हूं


नाम मेरा है केवल एक भाई,

मैं ढेर सारी खुशियां लाया हूं


बड़ी मुश्किल से छुट्टी मिली है

अंधेरे मैं दीया जलाकर आया हूं


मैं राखी की सौगात लाया हूं

ख़ुद को जिंदा वापिस लाया हूं


बड़ा भयंकर युद्ध था ख़ुद से,

ये रुह तड़प रही थी अंदर से,


मैं अपनी रुह का कलाम लाया हूं

राखी का बड़ा तोहफ़ा लाया हूं


मैं भारत का एक फौजी हूं,

सीमा सुरक्षा का खोजी हूं,


मुझे नही मिलती है छुट्टी, पर

इसबार छुट्टी का कोहिनूर लाया हूं


मैं राखी की सौगात लाया हूं

मैं खुद को जिंदा लेकर आया हूँ।


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