Dr. Anuradha Jain
Abstract
युवा है शक्ति का प्रतीक
यदि वे सोच रखे सटीक
हर गलत भी होगा ठीक
यदि वे न मानें लीक
मिटेगी समझो ऐसी लीक
युवा जो कर्तव्य अपने निभाएगा
कोई दुश्मन ठहर न पाएगा।
कब तक
है आज जिंदगी
म।क
सुहानी
एक गूंज
बंद-बंद
आज
आओ बदले
शांति
ऐसा यदि हो जा...
दीपक जलाते, मैं चल रहा हूँ जीवन बनाते, मैं चल रहा हूँ। दीपक जलाते, मैं चल रहा हूँ जीवन बनाते, मैं चल रहा हूँ।
जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर, हर कोई झूठा यहाँ, झूठा ही सच्चा यहाँ। जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर, हर कोई झूठा यहाँ, झूठा ही सच्चा यहाँ।
हम हमारे देश को बेहतर बनाना चाहते। जोश है जज़्बा भी है और प्यार भी इस दिल में है। हम हमारे देश को बेहतर बनाना चाहते। जोश है जज़्बा भी है और प्यार भी इस दिल में ...
तो मिला देना उस बचपने को देहरी पर रखे कलश में तो मिला देना उस बचपने को देहरी पर रखे कलश में
विश्वास अपनापन थोड़ा समझौता थोड़ा झुकाव, यही रिश्तों की नींव है, विश्वास अपनापन थोड़ा समझौता थोड़ा झुकाव, यही रिश्तों की नींव है,
जो कुदरत की देन, करूं उसे खुशी खुशी स्वीकार उसे संवारूं सजाऊं उसकी नेमत मान- जो कुदरत की देन, करूं उसे खुशी खुशी स्वीकार उसे संवारूं सजाऊं उसकी नेमत...
पैसे की है दुनिया सारी पैसे पर सब बलिहारी। पैसे की है दुनिया सारी पैसे पर सब बलिहारी।
त्योहारों के बहाने जीवन में सदा ही, लेकर आये जोश और उत्साह सदा हम। त्योहारों के बहाने जीवन में सदा ही, लेकर आये जोश और उत्साह सदा हम।
जब हम होते हैं उन्माद में देख नहीं पाते फूलों के रंग जैसे कि वे हैं। जब हम होते हैं उन्माद में देख नहीं पाते फूलों के रंग जैसे कि वे हैं।
चंदन सम है इस देश की मिट्टी माथे पर लगा बल मिलता चंदन सम है इस देश की मिट्टी माथे पर लगा बल मिलता
सुमधुर और सुखद एहसास ये, है जो अवर्णनीय, मानव जीवन की है नींव ये, यही सुख का सार है। सुमधुर और सुखद एहसास ये, है जो अवर्णनीय, मानव जीवन की है नींव ये, यही सुख का...
जिसे सुन लोग कहें दर्द का क्या है है यह आनी जानी जिसे सुन लोग कहें दर्द का क्या है है यह आनी जानी
कुछ अनजाने भी, निस्वार्थ साथ देते हैं कविताओं के जन्म लेने से कुछ अनजाने भी, निस्वार्थ साथ देते हैं कविताओं के जन्म लेने से
त्योहार हमारे जीवन में आते हैं सभी के चेहरे खिल खिल जाते हैं। त्योहार हमारे जीवन में आते हैं सभी के चेहरे खिल खिल जाते हैं।
प्रियतम, यह कैसी विह्वलता है यह कैसा व्यवधान यह कैसी शिथिल मुस्कान यह कैसा अनुमान ? प्रियतम, यह कैसी विह्वलता है यह कैसा व्यवधान यह कैसी शिथिल मुस्कान यह क...
मगर हवा का झोंका ऐसा आया कहीं से ले गया उड़ा कर मेरे हर उद्वेग को मगर हवा का झोंका ऐसा आया कहीं से ले गया उड़ा कर मेरे हर उद्वेग को
भारत के त्योहारों में, दिखती विशेषता है, भेदभाव भुलाकर दिखती यहाँ समानता है, भारत के त्योहारों में, दिखती विशेषता है, भेदभाव भुलाकर दिखती यहाँ समानता है,
मस्तमौला मिजाज इनका थोड़े होते नादान, इनकी तो दुनिया में सबसे प्यारी है नानी। मस्तमौला मिजाज इनका थोड़े होते नादान, इनकी तो दुनिया में सबसे प्यारी है नानी।
इंसान जो वास्तविकता में कर्म नहीं कर पाता वह कल्पना में साकार हो सकती है इंसान जो वास्तविकता में कर्म नहीं कर पाता वह कल्पना में साकार हो सकती है
बारिश की रुत में, पृथ्वी के सौंदर्य में लग जाते चार - चाँद। बारिश की रुत में, पृथ्वी के सौंदर्य में लग जाते चार - चाँद।