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Rita Jha

Inspirational

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Rita Jha

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परीक्षा न लीजिए

परीक्षा न लीजिए

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प्रेम तो दो दिलों को बांधे, इसकी परीक्षा न लीजिए।

गर मन में द्वेष किसी के प्रेम पर जागे,दूर उसे कीजिए।

प्रेम से संसार है , प्रेम बिना वसुंधरा भी बेवस और लाचार है।

खुशहाली संग माहौल बने सुहावन प्रेम सभी को दीजिए।।

प्रेम की ताकत समझिए, प्रेम व सौहार्द की वाणी बोलिए।

मर्यादित और मिठास भरे शब्दों से मिश्री कानों में घोलिए।।

नफ़रत फैलाने वाले अमानुषों से दूरी बनाए रखिए ।

प्रीत में अहं नहीं स्वीकार सभी को सहर्ष ही कीजिए।।

प्रेम की परीक्षा में कभी फेल होते नहीं सच्चे प्रेमी।

इस जहां में एक न हुए, रूख दूसरे जहां का करते प्रेमी।।



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