परीक्षा न लीजिए
परीक्षा न लीजिए
प्रेम तो दो दिलों को बांधे, इसकी परीक्षा न लीजिए।
गर मन में द्वेष किसी के प्रेम पर जागे,दूर उसे कीजिए।
प्रेम से संसार है , प्रेम बिना वसुंधरा भी बेवस और लाचार है।
खुशहाली संग माहौल बने सुहावन प्रेम सभी को दीजिए।।
प्रेम की ताकत समझिए, प्रेम व सौहार्द की वाणी बोलिए।
मर्यादित और मिठास भरे शब्दों से मिश्री कानों में घोलिए।।
नफ़रत फैलाने वाले अमानुषों से दूरी बनाए रखिए ।
प्रीत में अहं नहीं स्वीकार सभी को सहर्ष ही कीजिए।।
प्रेम की परीक्षा में कभी फेल होते नहीं सच्चे प्रेमी।
इस जहां में एक न हुए, रूख दूसरे जहां का करते प्रेमी।।
